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bhagalpur news. थ्रीडी प्रिंटिंग तकनीक से छात्रों को मिलेगा अत्याधुनिक कौशल

Updated at : 05 Jun 2025 1:53 AM (IST)
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bhagalpur news. थ्रीडी प्रिंटिंग तकनीक से छात्रों को मिलेगा अत्याधुनिक कौशल

भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में थ्रीडी प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन बुधवार को किया गया.

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भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में थ्रीडी प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन बुधवार को किया गया. केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम के तहत सी-डैक कोलकाता के सहयोग से स्थापित की गयी है. इसमें विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग बिहार सरकार की अहम भूमिका रही है. आधुनिक तकनीकी केंद्र के रूप में बिहार में भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावे एनआईटी पटना एवं दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय को भी चयनित किया गया है.

इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य प्रो ओम प्रकाश राय, सी-डैक कोलकाता के मुख्य अन्वेषक असित कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि व कार्यक्रम समन्वय कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ राज अन्वित ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. मौके पर प्रो दीपो महतो, प्रो पुष्पलता, प्रो काशीनाथ राम आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया. प्रो ऋषिकेश चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

छात्रों के लिए केंद्र मिल का पत्थर होगा साबित

इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रो ओम प्रकाश राय ने कहा कि छात्रों के लिए केंद्र मिल का पत्थर साबित होगा. थ्रीडी प्रिंटिंग, जिसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहा जाता है. वर्तमान में एक अत्यंत उन्नत एवं परिवर्तनकारी तकनीक है. यह तकनीक पारंपरिक निर्माण पद्धतियों से हटकर एक नई सोच प्रस्तुत करती है, जहां डिजाइन से सीधे वस्तुओं का निर्माण डिजिटल फॉर्मेट में करते हुए वास्तविक भौतिक रूप में परिवर्तित किया जाता है. यह न केवल उत्पाद विकास में लगने वाले समय व लागत को घटाता है, बल्कि निर्माण की सटीकता व जटिलता को भी बहुत हद तक बढ़ा देता है. इस तकनीक का उपयोग अब स्वास्थ्य सेवाओं (जैसे कृत्रिम अंग और इम्प्लांट्स), एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, डिफेंस, शिक्षा व उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है. वैश्विक स्तर पर इसके बढ़ते प्रयोग को देखते हुए भारत जैसे विकासशील देश में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की अत्यधिक आवश्यकता है.

छात्रों व समाज को होगा फायदा

प्राचार्य ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से इंजीनियरिंग छात्रों, तकनीकी प्रशिक्षुओं, नवाचारकर्ताओं व आम जनमानस को थ्रीडी प्रिंटिंग की व्यावहारिक जानकारी, सॉफ्टवेयर टूल्स की समझ, डिजाइन से लेकर प्रोटोटाइप तक की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा. यह केंद्र शैक्षणिक और औद्योगिक जगत के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होगा. छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करना है. इस फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम का उद्देश्य है कि विद्यार्थी न केवल नौकरी के लिए तैयार हो, बल्कि नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति में भी योगदान दे सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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