bhagalpur news. निगरानी ने दोनों को कोर्ट में कराया उपस्थित, स्टोनो प्रेम और क्लर्क मयंक को भेजा जेल

Published by : ATUL KUMAR Updated At : 01 Apr 2026 1:04 AM

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नाथनगर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सह आपूर्ति निरीक्षक अभिजीत कुमार से 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुए सदर एसडीओ कार्यालय में स्टेनो पद पर तैनात प्रेम कुमार और उनके सहयोगी मयंक कुमार को जेल भेजा गया है

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नाथनगर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सह आपूर्ति निरीक्षक अभिजीत कुमार से 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुए सदर एसडीओ कार्यालय में स्टेनो पद पर तैनात प्रेम कुमार और उनके सहयोगी मयंक कुमार को जेल भेजा गया है. इससे पूर्व निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम दोनों आरोपितों को लेकर मंगलवार को भागलपुर पहुंचे और दोनों को विशेष निगरानी न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित कराया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया. दोनों आरोपितों के स्वजन भी कोर्ट मिलने पहुंचे थे. जेल ले जाने के पहले दोनों को खाना खिलाया गया. दोनों कर्मी इस दौरान मायूस दिखे. मालूम हो कि सोमवार को निगरानी डीएसपी विध्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में निगरानी की टीम ने रिश्वत लेते दोनों को दबोच लिया था. अभिजीत कुमार ने निगरानी विभाग की पटना कार्यालय में उक्त भ्रष्टाचार को लेकर आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी. निगरानी विभाग की टीम ने शिकायत का सत्यापन अपनी टीम से कराई. जांच में आरोप सत्य पाया गया तो शिकायतकर्ता को निगरानी की ट्रैप टीम ने दोनों को रिश्वत लेते पकड़ने की योजना बनाई और केमिकल युक्त 70 हजार रुपये का नोट देकर सोमवार को प्रेम कुमार और मयंक कुमार के पास भेजा था और घात लगाए निगरानी टीम ने रुपए लेने के चंद सेकेंड बाद ही प्रेम और मयंक को रंगेहाथ रिश्वत लेते निगरानी की टीम दाेनों को गिरफ्तार कर पटना लेते चली गयी थी. जानकारी मिली है कि पटना में निगरानी के वरीय पदाधिकारियों ने भी दोनों से सघन पूछताछ की है.

भागलपुर में लंबे समय से जमा था प्रेम, तो मयंक लगभग दस वर्षों से कर रहा था काम

निगरानी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमा और उससे प्रत्यक्ष सरोकार रखने वाले लोगों के बीच प्रेम और मयंक की तरह तरह की चर्चा हो रही है. कर्मियों ने बताया कि प्रेम कुमार लंबे समय से भागलपुर में था. सृजन घोटाले में जेल जाने और वापस आने के बाद भी वह भागलपुर में ही टिका रहा. लंबे समय से ही एक ही शहर में जमे होने के कारण शहर में उसकी अच्छी जान पहचान थी. कई कर्मियों ने बताया कि प्रशासनिक दफ्तरों से प्रत्यक्ष सरोकार रखने वाले लोगों के लिए प्रेम हर ताले की चाभी था. यही कारण रहा है कि उसने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से भी घूस की पेशकश कर दी. कर्मियों ने बताया कि लोगों से प्रेम का व्यवहार मधुर रहता था तो दूसरी तरफ कुछ कर्मियों के साथ उसका व्यवहार सख्त रहता था. दूसरी तरफ मयंक करीब दस वर्षों से भागलपुर में नौकरी कर रहा था. लोग बताते हैं कि शुरुआती समय में वह सीधा साधा लड़का था. लोग कहते हैं कि प्रेम की सोहबत ने मयंक भी उसी के रास्ते पर चलने लगा था. प्रेम पटना के फुलवारीशरीफ का रहने वाला है तो दूसरी तरफ उसका पैतृक आवास नालंदा जिले में है. दूसरी तरफ मयंक भागलपुर का ही राहने वाला है.

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