धान के लिए संजीवनी बन कर हुई बारिश, कीट-व्याधि पर लगेगा रोक

Updated at : 14 Sep 2024 9:12 PM (IST)
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धान के लिए संजीवनी बन कर हुई बारिश, कीट-व्याधि पर लगेगा रोक

भीषण गर्मी से परेशान लोगों को शनिवार को दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से राहत मिली, तो खरीफ फसलों को भी संजीवनी मिल गयी.

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भीषण गर्मी से परेशान लोगों को शनिवार को दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से राहत मिली, तो खरीफ फसलों को भी संजीवनी मिल गयी. खासकर धान की फसलों के लिए यह बारिश अधिक फायदेमंद है. फसलों की सिंचाई से राहत मिलने के साथ कीट-व्याधि से भी निजात मिलेगी. किसानों के चेहरे जहां खिल गये हैं तो बारिश और होने की उम्मीद बढ़ गयी है. आसमान को देख कर किसानों को अंदाजा है कि यह बारिश एक सप्ताह तक होगी. जिला कृषि पदाधिकारी अनिल यादव ने बताया कि शनिवार को केवल 23 एमएम बारिश हुई, जबकि पूरे सितंबर में 82 एमएल बारिश हुई. फिर भी लक्ष्य से कम बारिश हुई. 105 एमएम बारिश की आवश्यकता थी. हालांकि अब बारिश लगातार होगी और धान के लिए जरूरी सिंचाई पूरी होगी.

तेज बारिश का धान को था इंतजार

पिछले 20 दिनों से किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए थे. तेज बारिश न होने से धान की फसल प्रभावित हो रही थी. जगदीशपुर के कतरनी उत्पादक किसान राजकुमार पंजियारा एवं सखीचंद विश्वास ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.

सिंचाई की चिंता हुई खत्म, अब कीट-व्याधि होगी नियंत्रित

जिले के अलग-अलग प्रखंडों के किसान शिरोमणि, राजशेखर, महेश राय ने बताया सितंबर माह में तेज बारिश न होने से किसानों की धान की फसल की सिंचाई चिंता समाप्त हुई तो लोगों को उमसभरी गर्मी से निजात मिली. पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक सुजीत कुमार पाल ने बताया कि बारिश न होने से धान की फसल में रोग व कीट का प्रभाव शुरू हो रहा था, लेकिन अब बारिश से रोग का प्रभाव कम होगा तो यूरिया का छिड़काव करने में सुविधा होगी.

नहर में पानी नहीं रहने से सूख रही थी धान की फसल, मिली राहत

शाहकुंड के किसान मृगेंद्र सिंह ने बताया कि इस समय धान की फसलों को पानी की जरूरत थी. नहरों में पानी नहीं आने से सिंचाई में देर हो रही थी. बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है. सुल्तानगंज के किसान मनीष सिंह ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए काफी फायदेमंद है. धान में बालियां निकलने का समय आ रहा है. इस समय धान की फसलों को पानी की आवश्यकता होती है. अब धान की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी.

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