bhagalpur news. एमबीए व एमसीए विभाग के कर्मियों को खाने के लाले, बच्चों की पढ़ाई बंद होने के कगार पर

टीएमबीयू में संचालित एमबीए व एमसीए पाठ्यक्रमों के कर्मियों को खाने के लाले पड़ रहे हैं
टीएमबीयू में संचालित एमबीए व एमसीए पाठ्यक्रमों के कर्मियों को खाने के लाले पड़ रहे हैं. साथ ही बच्चों की पढ़ाई बंद होने के कगार पर है. दोनों पाठ्यक्रमों के कर्मियों को एक साल से मानदेय का भुगतान विवि से नहीं किया गया है. विभागों से बार-बार विवि को मानदेय भुगतान के लिए फाइल भेजी जा रही है. हर बार फाइल पर डिस्कस लिख का विवि से लौटाया जा रहा है. बताया जा रहा कि 15 दिन पहले भी विवि से विभागों को कुछ कमी बता कर फाइल लौटा दिया है. फिलहाल फाइल विभागाें में ही धूलफांक रहा है. जबकि दोनों विभाग में कर्मियों द्वारा सेवा लगातार दिया जा रहा है. बच्चों की फीस नहीं देने पर नाम कटने की नौबत एमबीए व एमसीए विभाग के कर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि मानदेय नहीं मिलने से बच्चों की फीस स्कूल में जमा नहीं कर पा रहे है. ऐसे में स्कूल से बच्चे के नाम कटने तक का नौबत आ गया है. कहा कि घोर आर्थिक तंगी से जूढ रहे हैं. रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पूरी तरह असर पड़ रहा है. किराना दुकानदार भी राशन देने से मना कर दिया है. वर्ष 2025 में हुए पर्व त्योहार भी नहीं मना पाये. एक साल से एमसीए व नौ माह से एमबीए कर्मियों को भुगतान नहीं नाम नहीं छापने की शर्त पर दोनों विभाग के कर्मियों ने बताया कि एमसीए विभाग के कर्मियों काे एक साल से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. कर्मियों के अनुसार अप्रैल 2025 से लेकर अबतक मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. जबकि एमबीए विभाग अगस्त 2025 से लेकर अबतक भुगतान नहीं किया गया है. इसके अलावा दोनों विभाग के फैकल्टी व कर्मचारियों का सेवा अवधि विस्तार नहीं हो सका है. बताया जा रहा कि एमबीए विभाग में पांच फैकल्टी पांच व चार कर्मचारी है. जबकि एमसीए विभाग में दो फैकल्टी व चार कर्मी कार्यरत है. एक दर्जन से अधिक बार दिया आवेदन विभाग के कर्मियों ने बताया कि मानदेय व सेवा अवधि विस्तार को लेकर एक दर्जन से अधिक बार विवि में सामूहिक रूप से आवेदन दिया गया, लेकिन अबतक विवि प्रशासन ने मामले में सुनवाई नहीं की. हर बार आश्वासन देकर विवि से लौटा दिया जाता है. जानकारों के अनुसार दोनों विभाग में फंड की कमी नहीं है. बावजूद कर्मियों को मानदेय का भुगतान नहीं करने का आरोप एमबीए विभाग व एमसीए विभाग के निदेशक पर आरोप लग रहा है. कोट — विभागों से मामले को लेकर फाइल वरीय अधिकारियों के समक्ष बढ़ायी गयी थी. वहां से फाइल पर कुछ कमी बतायी गयी है. संबंधित विभाग से कहा गया कि फाइल में कमी को पूरा कर विवि को उपलब्ध कराये, ताकि आगे की प्रक्रिया की जा सके. प्रो रामाशीष पूर्वे, रजिस्ट्रार
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