योगाभ्यास से उम्र को मात दे रहे लोग, हरेक बीमारी का अलग-अलग योग, आसन व प्राणायाम

हाड़ कपा देने वाली ठंड हो या उमसभरी गर्मी हो हरेक परिस्थिति में भागलपुर के बुजुर्ग, युवा, महिला व सभी उम्र के लोग योगाभ्यास कर खुद को तरोताजा रख रहे हैं.
हाड़ कपा देने वाली ठंड हो या उमसभरी गर्मी हो हरेक परिस्थिति में भागलपुर के बुजुर्ग, युवा, महिला व सभी उम्र के लोग योगाभ्यास कर खुद को तरोताजा रख रहे हैं. योगाचार्यों की मानें तो असाध्य बीमारियों से बचाव को लेकर योग कारगर साबित हो रहा है. भागलपुर के लोगों का रुझान भी योग की ओर बढ़ता जा रहा है. सैंडिस कंपाउंड सह जयप्रकाश उद्यान विकास समिति के अध्यक्ष अमरनाथ गोयनका ने बताया कि 80 से 85 वर्ष पार कर चुके बुजुर्ग भी योग की बदौलत फिट रहते हैं. ईश्वर ध्यान, सूर्य नमस्कार से शुरू होनेवाले योग की कक्षा में प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सिंहनाद के बाद सामूहिक हर्षनाद पर समाप्त होता है. सीए प्रदीप झुनझुनवाला ने बताया कि मांसपेशियों का लचीलापन, रक्त संचार, आंखों की रोशनी के लिए योग व आसन कराया जाता है. ताड़ासन, नौकासन, भुजंगासन, मर्कटासन के साथ योगनिंद्रा कराया जाता है.
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ ब्रजकांत सिंह ने बताया कि वे खुद सुबह-सुबह टहलते हैं, ताकि रक्त संचारित हो. इसके अलावा योगाभ्यास भी करते हैं.योग महज शरीर को मरोड़ने या सांसों पर कंट्रोल करने की तकनीक भर नहीं : योगी नीरज वशिष्ठ
बरारी के स्थायी निवासी योगी नीरज वशिष्ठ देशभर में योग का डंका बजाने के बाद अहमदाबाद में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि योग परम होश में आने का अनूठा उपाय है. योग महज शरीर को मरोड़ने या सांसों पे कंट्रोल करने की तकनीक भर नहीं. जैसे-जैसे योग की ख्याति पूरी दुनिया में बढ़ी है, वैसे-वैसे ही योग को लेकर कई भ्रांतियां भी पैदा हुई. कई मानते हैं कि योग मोटापा कम करने के लिए है, तो कोई लॉजिक देते है कि वो सेहतमंद है. इसलिए योग की उनको जरूरत नहीं, यानी बीमार लोगों के लिए योग है. योग को लेकर इस तरह की कई गलत धारणाएं सुनी जा सकती हैं.
अब तक 8000 लोगों को प्रशिक्षित कर चुके हैं निरूपमकांति पाल पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से प्रशिक्षित योगाचार्य निरूपमकांति पाल ने बताया कि मन जब वर्तमान में स्थिर होता है. तो हम अपनी ऊर्जा गैर जरूरी सोचने में खपत होने से बचा पाते हैं. उन्होंने बताया कि 2009 में हरिद्वार में योग का प्रशिक्षण बाबा रामदेव से प्रशिक्षण लिया. इसके बाद से अब तक 8000 लोगों को प्रशिक्षण दे चुके हैं. इसमें 2015 में 3500 अल्पसंख्यकों को भी प्रशिक्षित किया. 2016-17 में पांच माह तक लगातार सेंट्रल जेल में बंदियों के बीच प्रशिक्षण दिया. उनके द्वारा योग के माध्यम से कई लोगों को जोड़ों का दर्द दूर किया गया.———-
10 बेसिक योग आसनयोगी नीरज वशिष्ठ ने बताया कि योग प्रैक्टिस की शुरुआत खुद का ध्यान रखने का सबसे आसान और असरदार रास्ता है. योग में कई तरह के आसन होते हैं, लेकिन उन सभी को कर पाना ना तो मुमकिन है और ना ही इसकी कोई जरूरत है. 10 बेसिक योग आसन तैयार किया गया है. इन 10 बेसिक आसन पे मास्टरी करें और ये आसन ताउम्र आपकी योग प्रैक्टिस और जीवन को एक बेहतर आधार प्रदान करेगा.
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