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Bhagalpur News: निगरानी ने टीएमबीयू से शिक्षकों की प्रोन्नति का मांगा दस्तावेज

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो विमल कुमार के कार्यकाल में सौ से अधिक शिक्षकों को मिले प्रमोशन मामले में जांच शुरू कर दी गयी है.

– टीएमबीयू के पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो विमल कुमार के समय में शिक्षकों को मिली थी प्रोन्नति- भुस्टा के पूर्व महासचिव प्रो शंभु प्रसाद सिंह ने संघ के निर्णय के बाद राजभवन, सरकार व निगरानी विभाग को गड़बड़ी की शिकायत की थी

वरीय संवाददाता, भागलपुर

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो विमल कुमार के कार्यकाल में सौ से अधिक शिक्षकों को मिले प्रमोशन मामले में जांच शुरू कर दी गयी है. निगरानी विभाग ने फिर से टीएमबीयू को पत्र भेजा है. विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक विवि में पत्र आने को दो सप्ताह से ज्यादा हो चुका है. विभाग ने शिक्षकों को मिली प्रोन्नति की दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है. इससे पहले भी निगरानी विभाग ने विवि को पत्र भेज कर जानकारी मांगी थी. बताया जा रहा है कि उस समय निगरानी विभाग को प्रोन्नति से संबंधित दस्तावेज नहीं भेजा जा सका था. उस समय विवि के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ गिरिजेश नंदन कुमार थे. बताया जा रहा है कि ऐसे में शिक्षकों को मिले प्रमोशन पर गाज गिर सकता है. निगरानी जांच संख्या बीएस 07 13 के अंतर्गत आवश्यक सूचना एवं संबंधित अभिलेख विवि से मांगा गया है. मामला वर्ष 2012 के फरवरी से लेकर वर्ष 2013 के फरवरी तक में शिक्षकों को दिये प्रमोशन से जुड़ा है.

पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो विमल कुमार का कुछ साल पहले निधन हो चुका है. उस समय प्रमोशन में गड़बड़ी का मामला विवि में छाया रहा था. नियम से प्रमोशन नहीं दिये जाने पर शिक्षकों में काफी आक्रोश था. प्रमोशन में गड़बड़ी को लेकर शिक्षक संगठन भुस्टा के पूर्व महासचिव रहे प्रो शंभु प्रसाद सिंह ने संघ के निर्णय के बाद राजभवन, सरकार व निगरानी विभाग को प्रमोशन में गड़बड़ी की लिखित शिकायत की थी. इसके बाद मामला निगरानी कोर्ट में चल रहा है.———————-

रीडर व प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति में धांधली का आरोपविवि से सेवानिवृत्त हो चुके कुछ अधिकारियों ने कहा कि तत्कालीन प्रभारी कुलपति डॉ विमल कुमार द्वारा रीडर व प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति दी गयी थी. इसमें नियम का घाेर उल्लंघन करने का आरोप लगा था. तिथि में फेरबदल कर शिक्षकों को मनचाहा प्रमोशन मिला था. उस समय प्रमोशन के लिए पैसे की लेन-देन की बात भी सामने आ रही थी. ज्यादातर चौथे चरण के कॉलेज के शिक्षकों को ही इसका लाभ मिला था.

————————–प्रमोशन में काफी धांधली हुई थी

नाम नहीं छापने की शर्त पर विवि के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि पूर्व प्रभारी कुलपति डॉ विमल कुमार के समय में प्रमोशन में काफी धांधली हुई थी. शिक्षकों ने इसका विरोध भी किया था. उस समय भुस्टा की बैठक में निर्णय लिया गया था कि मामले में राजभवन, सरकार व निगरानी विभाग से लिखित शिकायत की जायेगी लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी अब तक जांच ही हो रही है. जबकि कार्रवाई हो जानी चाहिए थी.————————

निगरानी ने विवि से मांगा दस्तावेज- रीडर एवं प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति के लिए लागू नियम-परिनियम की अभिप्रमाणित प्रति

– प्रमोशन के लिए अपनायी गयी प्रक्रिया की जानकारी- प्रमोशन के लिए उम्मीदवारों के नाम एवं उनके द्वारा दिये आवेदन की अभिप्रमाणित प्रति

– प्रमोशन के लिए अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों की सूची- रीडर एवं प्रोफेसर पद पर प्रमोशन के लिए जिन उम्मीदवारों पर विचार नहीं किया गया उनकी सूची

– उन उम्मीदवारों को प्रमोशन नहीं देने का कारण बताते हुए दस्तावेज

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Prabhat Khabar News Desk
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