भागलपुर में फलों के दाम 60 रुपए किलो तक बढ़े, केले ने तोड़ा सबका रिकॉर्ड, 25 रुपए वाला बिक रहा 80 में

सावन को लेकर भागलपुर की मंडियों में फल और फूलों की कीमत काफी बढ़ गई. पिछले वर्ष सावन से तुलना करने तो फलों की कीमतों में 60 रुपए तक की वृद्धि हुई है. इधर फूलों का भी कुछ वैसा ही हाल है. गेंदा की कीमत तो इतनी ऊंची हो गई है कि ग्राहक से दुकानदार तक सब हैरान हैं.
Inflation In Sawan: सावन के महीने को लेकर फल और फूल के बाजार में रौनक दिखने लगी है. इससे दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं और कारोबार दोगुना-तिगुना हो गया है. अकेले फल कारोबारियों के आंकड़ों के मुताबिक पूरे सावन महीने में 10 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की संभावना है. हालांकि, पिछले साल से ज्यादातर फलों के दाम 10 से 60 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं.
यहां से आ रहे हैं फल
गिरधारी साह फल मंडी के थोक फल कारोबारी मो वहाब ने बताया कि नैनीताल से आने वाला सेब 120 रुपये किलो, चाइना से आने वाला सेब 220 से 250 रुपये किलो बिक रहा है. हल्द्वानी व नैनीताल से आने वाला नाशपाती 100 रुपये किलो, हैदराबाद से आने वाला मौसमी 70 से 80 रुपये किलो, नासिक का अनार 140 से 150 रुपये किलो तक बिक रहा है. इस बार सेब के महंगा होने से अन्य फलों पर भी असर पड़ा है. सिंगापुरी केला ने सबका रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो 25 रुपये दर्जन से बढ़कर 70-80 रुपये दर्जन खुदरा में बिक रहा है, जबकि इस बार पीला केला 30 से 40 रुपये दर्जन बिक रहा है.
फल के कारोबार का आंकड़ा
फल कारोबारी मनोज कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में एक ट्रक सेब की बिक्री भी नहीं हो पाती है. सावन में रोजाना दो ट्रक सेब का खपत है. एक ट्रक में 600 पेटी सेब आता है, जबकि दो ट्रक में 1200 पेटी. एक पेटी में लगभग 20 किलो सेब आता है. इस प्रकार पूरे सावन में 5.40 करोड़ रुपये के सेब की बिक्री होगी.
दूसरे फल कारोबारी मो साहब ने बताया कि सावन में नाशपाती भी दो ट्रक रोजाना खपत है. नाशपाती के एक पेटी का भाव पिछले वर्ष 600 रुपये था, जबकि इस बार 800 रुपये है. ऐसे में 1.80 करोड़ के नाशपाती की बिक्री होगी. अनार का रोजाना एक ट्रक खपत है. अनार एक पेटी का 900 से 950 रुपये होता है. पूरे सावन में 1.62 करोड़ रुपये के अनार बिकने की संभावना है.
मौसमी का रोजाना एक ट्रक सप्लाई है, जो 600 रुपये में एक पेटी आता है. इसलिए 1.08 करोड़ की मौसमी की बिक्री होगी. सावन के दौरान सबसे अधिक केला की बिक्री होती है, लेकिन फलों में सबसे सस्ता होने से केला का कारोबार लाखों में ही रह जाता है. रोजाना 200 खानी सकरचिनिया व 400 खानी सिंगापुरी केला की सप्लाई होती है. इससे 50 लाख से अधिक का कारोबार होता है.
| फल | पिछले वर्ष का भाव | वर्तमान भाव |
|---|---|---|
| नया सेब | 80 से 100 रुपये किलो | 100 से 120 रुपये किलो |
| नाशपाती | 70 से 80 रुपये किलो | 100 रुपये किलो |
| मौसमी | 50 से 60 रुपये किलो | 60 से 70 रुपये किलो |
| अनार | 100-120 रुपये किलो | 140 से 150 रुपये किलो |
| केला | 10 से 40 रुपये दर्जन | 30 से 60 रुपये दर्जन |
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फूल बाजार में गेंदा की कीमत से दुकानदार और उपभोक्ता हैरान
फूल बाजार में फूल की कीमत इतनी बढ़ गयी है कि दुकानदार व उपभोक्ता दोनों परेशान हैं. खासकर लाल गेंदा की कीमत अधिक चढ़ी हुई है. आशीष कुमार ने बताया कि 15 दिन पहले जिस गेंदा फूल की कीमत 300 रुपये कूड़ी थी, वह बढ़कर 500 रुपये हो गयी, गुलाब 160 रुपये सैकड़ा से बढ़कर 250 रुपये, रजनीगंधा 100 रुपये सैकड़ा से बढ़कर 250 रुपये हो गया है. कमल 10 से बढ़कर 20 रुपये प्रति पीस, पीला गेंदा 400 से बढ़कर 600 रुपये किलो हो गया है. दूसरे फूल कारोबारी गणेश मालाकार ने बताया कि जिस तरह कीमत बढ़ गयी, उसी तरह खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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