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bhagalpur news. बीएचटी से हुआ खुलासा, महेश मंडल के इलाज में डॉ आरपी जायसवाल ने नहीं की थी लापरवाही

Updated at : 03 Nov 2025 10:21 PM (IST)
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bhagalpur news. बीएचटी से हुआ खुलासा, महेश मंडल के इलाज में डॉ आरपी जायसवाल ने नहीं की थी लापरवाही

सृजन घोटाला मामले में वर्ष 2017 में गिरफ्तार हुए जिला कल्याण कार्यालय के नाजिर महेश मंडल के इलाज में लापरवाही के आरोप से डॉ राजेंद्र प्रसाद जायसवाल को मुक्त कर दिया गया है.

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सृजन घोटाला मामले में वर्ष 2017 में गिरफ्तार हुए जिला कल्याण कार्यालय के नाजिर महेश मंडल के इलाज में लापरवाही के आरोप से डॉ राजेंद्र प्रसाद जायसवाल को मुक्त कर दिया गया है. डॉ जायसवाल जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के औषधि विभाग के सीनियर रेजिडेंट थे. वर्तमान में सदर अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी हैं. डॉ जायसवाल पर आरोप था कि घोटाले के आरोप में भागलपुर केंद्रीय कारा में विचाराधीन कैदी महेश मंडल की 18.08.2017 को डायलिसिस नहीं करने के कारण 20.08.2017 को मौत हो गयी. मामले की जांच में बीएचटी (बेड हेड टिकट) से यह खुलासा हुआ कि महेश मंडल के इलाज में डॉ जायसवाल ने लापरवाही नहीं की थी. उक्त आरोप में डॉ जायसवाल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी. संचालन पदाधिकारी ने उपचार करने में शिथिलता बरतने के आरोप को प्रमाणित नहीं होने का मंतव्य दिया. कारा अधीक्षक से मृतक महेश मंडल से संबंधित न्यायिक जांच समिति द्वारा समर्पित जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मिनट बुक, खून जांच रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गयी. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल अधीक्षक द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए प्रतिवेदित किया गया कि 18.08.2017 को आकस्मिक विभाग में मरीज की स्थिति क्लिनिकली स्टेबल पायी गयी थी. इस वजह से खून जांच कराने का परामर्श दिया गया. मरीज के इलाज में लापरवाही नहीं बरती गयी है. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के औषधि विभाग के अध्यक्ष ने प्रतिवेदित किया कि महेश मंडल का 18.08.2017 को डॉ जायसवाल और 19.08.2017 व 20.08.2017 को बाह्य विभाग में डॉ आनंद सिन्हा व डॉ अंजुम परवेज द्वारा उपचार किया गया था. खून जांच के परिणाम व बीएचटी से स्पष्ट होता है कि डॉ जायसवाल द्वारा मंडल का उपचार करने में शिथिलता नहीं बरती गयी है. मामले की समीक्षा के बाद डॉ जायसवाल को आरोपों से मुक्त करते हुए आरोप प्रकरण को संचिकास्त (फाइल क्लोज) करने का निर्णय लिया गया. इस बाबत स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव उपेंद्र राम ने अधिसूचना जारी कर दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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NISHI RANJAN THAKUR

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