वरीय संवाददाता, भागलपुर फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल के इमरजेंसी मेडिसिन में बांका निवासी जितेंद्र कुमार झा भर्ती थे. परिजनों के मुताबिक, उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, डॉक्टर ने नर्स को इंजेक्शन लगाने का निर्देश दिया. परिजन आधी रात से ही नर्सों से इंजेक्शन लगाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन नर्सों ने इंजेक्शन नहीं लगाया. करीब ढाई बजे जितेंद्र कुमार झा की भी मौत हो गयी. इसके बाद मरीज के परिजन उग्र हो गये. परिजनों के आक्रोश को देखते हुए डॉक्टर व नर्स ने खुद को कमरे में बंद करके अपनी जान बचायी. रविवार की सुबह बरारी थानेदार दलबल के साथ फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल पहुंचे. इस दौरान उनकी मौजूदगी में परिजनों व अस्पताल प्रबंधक सुनील कुमार गुप्ता के बीच वार्ता हुई. परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे.अस्पताल प्रबंधक ने कहा कि परिजनों के आरोपों की जांच करायी जायेगी. इसके बाद परिजन शव लेकर अस्पताल से निकले. इससे पहले शनिवार रात को ही फैब्रिकेटेड अस्पताल में बिहपुर की मरीज निशा कुमारी की मौत पर उनके परिजनों ने हंगामा किया था. निशा कुमारी डॉ. ओबेद अली की यूनिट में भर्ती थी. परिजनों के मुताबिक, निशा कुमारी को हाइपरटेंशन, क्रानिक किडनी की बीमारी, रेनल पैरेनकाइमल की बीमारी थी. उसकीहालत बिगड़ी तो शनिवार की रात करीब नौ बजे फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल के इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया था. जहां नर्स ने इंजेक्शन लगाया था और इसके बाद मरीज के मुंह झाग निकलने लगा और दस मिनट के अंदर ही उसकी मौत हो गयी. इस मामले को लेकर बरारी पुलिस भी अस्पताल पहुंची थी.
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