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डाॅल्फिन इकाे सेंसेटिव जाेन बता कर वन विभाग ने रोका सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण

Updated at : 05 May 2024 9:30 PM (IST)
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डाॅल्फिन इकाे सेंसेटिव जाेन बता कर वन विभाग ने रोका सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण

भागलपुर के साहेबगंज में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम वन विभाग ने रोक दिया है. वन विभाग ने डाॅल्फिन इकाे सेंसेटिव जाेन का हवाला देकर काम राेका है.

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-बरारी से साहेबगंज के बीच गंगा नदी किनारे पंपिंग स्टेशन निर्माण का कार्य ठप, एनओसी मिलने तक नहीं होगा काम-गंगा में गिरनेवाले नाले के मुहाने को मोड़ कर पंपिंग स्टेशन तक पानी पहुंचाने की योजना पर लगा ग्रहण

वरीय संवाददाता, भागलपुरभागलपुर के साहेबगंज में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम वन विभाग ने रोक दिया है. वन विभाग ने डाॅल्फिन इकाे सेंसेटिव जाेन का हवाला देकर काम राेका है. यह काम अब तभी शुरू हो सकेगा, जब बुडको को एनओसी मिलेगा. हालांकि, इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन अप्लाई किया है. पर्यावरण विभाग की ओर से भी रिपोर्ट मिनिस्ट्री को भेज दी गयी है. पर्यावरण विभाग की होनेवाली बोर्ड की बैठक में इस पर अब चर्चा होगी. फिर उसके नियमों के निर्देश पर परमिशन मिलेगा और काम शुरू होगा. यह काम तब राेका गया, जब बुडको की एजेंसी ने पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू किया था. यह प्रोजेक्ट 350 करोड़ की है. इधर, रोक के बाद बरारी से साहेबगंज के बीच पांच पंपिंग स्टेशन निर्माण कार्य ठप है. वहीं, अन्य पांच जगहों पर काम चल रहा है.

ऐसे करेगा पंपिंग स्टेशन कार्यगंगा में गिरने वाले नाले के मुहाने को मोड़ा जायेगा. इन नालों को 10 पंपिंग स्टेशन में पहुंचाने की योजना है. इन पंपिंग स्टेशन के सहारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाया जायेगा. स्टेशन पर जेनरेटर की भी सुविधा रहेगी.

प्लांट से जुड़ेंगे 43 नाले

ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 45 एमएलडी की होगी. प्लांट तक नाले का पानी पहुंचाने के लिए 43 नाले का निर्माण किया जाना है. 13.7 किलोमीटर राइजिंग मेन पाइप बिछाया जाना है, जबकि 10.1 किलोमीटर ट्रंक सीवर लाइन का कार्य होगा. 6.3 किलोमीटर के नाले से शहर की छोटे व बड़े नालों को जोड़ा जायेगा. राइजिंग मेन नाले की गहराई करीब दो मीटर होगी. वहीं, ट्रंक सीवर के लिए तीन से छह मीटर की गहराई होगी.

कार्य की उपलब्धता पर अबतक 100 करोड़ खर्च

350 करोड़ से बन रहे 45 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य अब तक में 75 फीसदी ही पूरा हुआ है. 25 फीसदी कार्य अभी भी बाकी है. कार्य की उपलब्धता पर बुडको ने एजेंसी को करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. इस प्रोजेक्ट के लिए कभी पैसे की कमी नहीं रही है. सिर्फ कार्य प्रगति धीमी रहने से यह पूरा नहीं हो सका है. एनओसी नहीं मिलने से कार्य पर ग्रहण लगा है.

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एक नजर में

निर्माण स्थल : साहिबगंज

लागत : 350 करोड़ रुपयेअब तक खर्च : 100 करोड़ रुपये

कार्य : 75 प्रतिशतपंपिंग स्टेशन का होगा निर्माण : 10 जगहों पर

कोट

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य अभी रुका हुआ है. वन पर्यावरण विभाग ने डाॅल्फिन इकाे सेंसेटिव जाेन बता कर कार्य पर रोक लगाया है. हालांकि, एनओसी के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया हुआ है. रिपोर्ट भी मिनिस्ट्री को भेज दी गयी है. प्रोसेस पूरा होने में वक्त लगता है. एनओसी जब मिल जायेगा, तो काम शुरू हो जायेगा. 10 पंपिंग स्टेशन का निर्माण होना है. इनमें पांच पर रोक है और बाकी पांच पर कार्य हो रहा है.

कमल किशोर प्रसाद, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर

बुडको, भागलपुरB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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