भागलपुर में मानिक सरकार गंगा घाट के किनारे धंसी सड़क का निर्माण शुरू, 25 लाख रुपये होंगे खर्च

मानिक सरकार गंगा घाट किनारे धंसी सड़क के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो गई है. चयनित एजेंसी के साथ एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही थी. यहां छठ पर्व के पहली अर्घ्य के समय अचानक धंस गयी थी सड़क
भागलपुर के मानिक सरकार गंगा घाट किनारे धंसी सड़क का निर्माण कार्य की प्रक्रिया साेमवार से शुरू हाे गयी है. गंगा किनारे अभी डंप कूड़े-कचरे को निकालकर बाहर किया जा रहा है. यह काम जब पूरा हो जायेगा, तो जेसीबी से निचे के हिस्से की जमीन को समतल की जाएगी. इसके बाद राबिश डालकर लेबलिंग किया जायेगा. यहां गार्डवाॅल बनेगा. धंसी सड़क बनायी जायेगी. सड़क बनवाने के लिए निगम ने मार्च में ही कार्य एजेंसी बहाल की है. लाेकसभा चुनाव काे लेकर आचार संहिता लागू हाे जाने से काम शुरू नहीं करा सका था.
वहीं, चयनित एजेंसी के साथ एग्रीमेंट की भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी. हालांकि, अब भी विधिवत कार्य शुरू करने का साइनबाेर्ड नहीं लगाया है लेकिन, बरसात के मौसम को ध्यान में रखकर निचले हिस्से का कार्य शुरू कराया है. सड़क निर्माण पर करीब 25 लाख रुपए खर्च होंगे.
छठ पर्व के पहली अर्घ्य के समय में धंस गयी थी सड़क
छठ पर्व के पहली अर्घ्य के समय में यहां की सड़क धंस गयी थी. तकरीबन 100 फीट लंबी दूरी तक बीच सड़क से आधे हिस्से में दरार आ गयी थी. तत्काल जिला प्रशासन ने वहां एक पुलिस जवान की तैनाती कर बांस का बैरियर लगा रास्ता बंद कर दिया था. त्याेहार के बाद जवानाें की ड्यूटी वहां से हटा ली गयी और स्थानीय लाेग ही रखवाली करने लगे थे. बाद में वह बांस भी हटा लिया गया था. लगातार लाेगाें की मांग हाेती रही कि वहां सड़क निर्माण जल्द करवाया जाये. क्योंकि, बारिश का पानी आने पर आसपास के घराें में पानी जाने का खतरा बनने लगा है.
33 लाख से दो जगहों पर बनने वाले एमआरएफसी के लिए एजेंसी चयनित
सिटी में दो जगहों पर कम्पोस्ट पिट के लिए मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफसी) का निर्माण होना है. इसके लिए निगम ने कार्य एजेंसी चयनित कर ली है. आचार संहिता के चलते इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है. लेकिन, अब इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. कार्य देरी से शुरू होने की एक वजह यह रही है कि चयनित एजेंसी के साथ एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी.
इसके बनने पर मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर्स से रोजाना कई टन कूड़े की प्रोसेसिंग हो सकेगी. शहर के विभिन्न इलाकों से डोर-टू-डोर कलेक्शन के बाद हर तरह का कूड़ा वहां पहुंचाया जायेगा. यहां से गीले कचरे को सुखाकर खाद में बदल दिया जायेगा और सूखे कूड़े को कई श्रेणियों में सेग्रिगेट कर उसका निस्तारण करेगा.
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By Anand Shekhar
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