-75 करोड़ से काम कराने की मिली मंजूरी, मार्च में ही चयनित होगी एजेंसी और फिर शुरू होगा काम
वरीय संवाददाता, भागलपुरचांदन जलाशय का ड्रेजिंग के माध्यम से डिसिल्टेशन कार्य कराया जायेगा. यह बौंसी में है. जलाशय से महीन गाद निकालने का काम होगा. यह काम 10 वर्षों तक चलेगा. जब जलाशय पूरी तरह से साफ हो जायेगा, तो इसका फायदा बांका जिले के साथ भागलपुर के कई इलाकों के किसानों को होगा. खास कर भागलपुर-बांका सीमावर्ती गांवों के किसान लाभान्वित होंगे. सिंचाई योग्य पानी मिल सकेगा. दरअसल, पटवन के समय में जब पानी छोड़ा जायेगा, तो कैनाल के जरिये खेतों तक पहुंचेगा. डिसिल्टेशन कार्य को मंजूरी मिल गयी है. सिंचाई प्रमंडल, बौंसी यह काम कार्य एजेंसी के माध्यम से करायेगा. एजेंसी बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
75 करोड़ 36 लाख आयेगा खर्च
डिसिल्टेशन कार्य पर करीब 75 करोड़ 36 लाख रुपये खर्च आयेगा. चयनित एजेंसी के लिए 10 वर्षों तक यह काम करना अनिवार्य होगा. जबकि अधिकारी का कहना है कि इससे भी ज्यादा समय लगेगा.जानें, जलाशय का गाद निकालने में 10 साल क्यों लगेगा?
सिंचाई प्रमंडल, बौंसी के अधिकारी का कहना है कि गाद से जलाशय भर गया है. यह तीन सालों से पानी से नहीं भरा है. गाद जब निकालना शुरू होगा, तब बरसात की वजह से काम रुकेगा. पानी आने पर जितना गाद निकलेगा, उसका आधा फिर से भर जायेगा. इस तरह से गाद का निकलना ओर फिर से भरने का सिलसिला वर्षों तक जारी रहेगा. इस वजह से 10 वर्ष का समय निर्धारित किया गया है.1081 हेक्टेयर में फैला है जलाशय
चांदन जलाशय करीब 1081 हेक्टेयर में फैला है. चानन नदी को ही बौंसी में घेरकर जलाशय बना है. नदी के पानी से ही जलाशय भरता है. गाद की वजह से यह तीन सालों से भरा नहीं है.26 मार्च को खुलेगा टेक्निकल बिड और चयनित होगी एजेंसी
जलाशय का डिसिल्टेशन कार्य के लिए जारी निविदा के तहत टेक्निकल बिड 26 मार्च को खोला जायेगा. इसमें जो एजेंसियां सफल होंगी, उसको लेकर फाइनेंसियल बिड खोला जायेगा और चयनित की जायेगी. निविदा में भाग लेने की अंतिम तिथि 24 मार्च निर्धारित की गयी है.19 मार्च को होगा भागलपुर में प्री-बिड मीटिंग
निविदा का प्री-बिड मीटिंग भागलपुर में चीफ इंजीनियर कार्यालय में 19 मार्च को होगी. इसमें इच्छुक एजेंसियां भाग लेंगी और निविदा पर विस्तारपूर्वक चर्चा होगी.कोट
चांदन जलाशय की सफाई बेहद जरूरी है, तभी पटवन में इसके पानी उपयोग हो सकेगा. गाद इतना जमा है कि तीन साल से यह पानी से भरा नहीं है. सफाई हो जाने के बाद क्षेत्र के किसानों को फायदा मिलेगा.अच्युतानंद सिंह, कार्यपालक अभियंता
सिंचाई प्रमंडल, बौंसीB
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