ePaper

2 करोड़ से नए रूप में निखरेगा बिहार का यह म्यूजियम, अत्याधुनिक लुक के साथ जानें क्या-क्या होगा खास

Updated at : 28 Sep 2025 10:38 AM (IST)
विज्ञापन
Bhagalpur museum will be renovated with an investment of Rs 2 crore

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार के भागलपुर संग्रहालय का 2 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाएगा. इसको भी लखीसराय में बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक संग्रहालय जैसा लुक दिया जाएगा. योजना के तहत इसके पूरे भवन की मरम्मत कराई जाएगी.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार के भागलपुर संग्रहालय का 2 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाएगा. इसको भी लखीसराय में बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक संग्रहालय जैसा लुक दिया जाएगा. योजना के तहत इसके पूरे भवन की मरम्मत कराई जाएगी. रंग रोगन, लाइट, मूर्तियों की सुरक्षा के लिए आकर्षक सेल्फ की भी व्यवस्था रहेगी.

कवर होगा म्यूजियम के बीच खुला आंगन

बता दें कि भागलपुर संग्रहालय परिसर के अंदर बीचों बीच खुला आंगन है. इससे होकर बारिश का पानी, धूल व हवा संग्रहालय परिसर के अंदर प्रवेश करती है. योजना है कि आंगन को ढ़ककर इसके मध्य प्राचीन मूर्तियों को रखा जाएगा. वहीं, संग्रहालय के स्टोर में रखी प्राचीन मूर्तियों को प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा.

मंजूषा आर्ट गैलरी का होगा निर्माण

मिली जानकारी के अनुसार यहां अंगक्षेत्र की प्राचीन लोक कला मंजूषा पर आधारित गैलरी का निर्माण किया जाएगा. इस गैलरी में मंजूषा पर आधारित चित्र, हस्तकला, कैनवास, प्रतीक चिन्ह, सजावट के सामान समेत अन्य उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी. संग्रहालय में आने वाले विजिटर्स को ऐतिहासिक मूर्तियां व साक्ष्य के अलावा मंजूषा गैलरी को देखने का मौका मिलेगा. इसके अलावा यहां मंजूषा कला से जुड़े इतिहास को लेकर साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे.

क्या है मंजूषा आर्ट

मिली जानकारी के अनुसार मंजूषा लोककला का प्रयोग भागलपुर से जुड़े पर्व त्योहारों पर प्रयोग होने वाले उत्पाद में अधिक होता है. मुख्य रूप से विषहरी पूजा, दुर्गापूजा, कालीपूजा समेत छठ पर्व के दौरान पूजापाठ में उपयोग होने वाले झांप, सूप, डलिया व मंदिरों के मेढ को मंजूषा कला से सजाया जाता है.

मंजूषा आर्ट को मिलेगा बढ़ावा

बता दें कि मंजूषा कला में मुख्य रूप से लाल, पीला व हरा जैसे प्राथमिक रंग का प्रयोग होता है. यह तीनों ही रंग प्रकृति में मौजूद फूलों, पत्तियों व मिट्टी से आसानी से मिल जाते हैं. मंजूषा कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब भागलपुर संग्रहालय में इसे विशेष स्थान दिया जाएगा.

संग्रहालय में अब लगेगा टिकट

भागलपुर संग्रहालय में घूमने आए सैलानियों को अब प्रवेश शुल्क देना होगा. इसके लिए बहुत ही जल्द टिकट काउंटर का निर्माण किया जाएगाय. संग्रहालय के मेंटनेंस को ध्यान में रखते हुए विजिटरों से न्यूनतम राशि ली जाएगी.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

संग्रहालय में 300 से अधिक पुरातात्विक अवशेष

बता दें कि साल 1976 में स्थापित भागलपुर संग्रहालय में इस समय 300 से अधिक पुरातात्विक अवशेष व कलाकृतियों का संग्रह है. ये ऐतिहासिक साक्ष्य को चंपा, कर्णगढ़, मंदार, सुल्तानगंज, विक्रमशिला, शाहकुंड समेत आसपास के जिलों से लाए गए हैं. इस संग्रहालय में गुप्तकाल, कुषाण व पाल कालीन, मध्यकाल समेत आधुनिक काल तक की कलाकृतियां एवं पुरातात्विक अवशेष प्रदर्शित हैं.

इसे भी पढ़ें: Bihar Crime: पटना में शादी से इनकार करने पर बॉयफ्रेंड की हत्या, सिलबट्टे से कुचला सिर

विज्ञापन
Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन