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bhagalpur news. भागलपुर के सात प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने के लिए बिहार सरकार ने दिया एनओसी

Updated at : 08 Jun 2025 1:10 AM (IST)
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bhagalpur news. भागलपुर के सात प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने के लिए बिहार सरकार ने दिया एनओसी

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने हाल में भागलपुर जिला के सात निजी विद्यालयों को मान्यता देने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया है.

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बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने हाल में भागलपुर जिला के सात निजी विद्यालयों को मान्यता देने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया है. इन विद्यालयों को सीबीएसई या सीआइएससीई से मान्यता दी जायेगी. इन स्कूलों में होली फैमिली स्कूल बैजानी, रणबिजय शोभा विद्या विहार बायपास, दिल्ली पब्लिक स्कूल पीरपैंती, सुमित्रा देवी पब्लिक स्कूल कहलगांव, डीएलएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल बाराहाट इशीपुर, सेंट पॉल्स एकेडमी दरियापुर व हेप्पी वैली स्कूल पीरपैंती शामिल हैं. इन स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था और कार्यपालक दंडाधिकारी के समक्ष शपथपत्र जमा किया था. सभी कागजातों की समीक्षा शिक्षा विभाग की सक्षम समिति द्वारा किये जाने के बाद उक्त सभी स्कूलों को अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, ताकि संबंधित बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो सके. इसके लिए सात तरह की शर्तें भी लगायी गयी हैं, जिनका अनुपालन नहीं होने पर भविष्य में मान्यता रद्द कर देने की ताकीद शिक्षा विभाग ने की है.

स्कूलों पर लगायी गयी हैं ये शर्तें

– शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत विद्यालय में कुल नामांकन क्षमता का 25 प्रतिशत निःशुल्क नामांकन पड़ोस में निवास करने वाले कमजोर व अलाभकारी समूह के बच्चों का किया जायेगा. उनसे ट्यूशन शुल्क या किसी अन्य प्रकार का शुल्क नहीं लिया जायेगा.

– विद्यालय में नर्सरी व केजी या प्राथमिक कक्षा में नामांकन के लिए किसी तरह की प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार (बच्चों व माता-पिता सहित) नहीं लिया जायेगा. अगर आवेदन निर्धारित क्षमता से अधिक हो, तो खुले तरीका से ड्रॉ ऑफ लॉट्स के माध्यम से या इस संबंध में विभाग द्वारा निर्गत निर्देश के तहत नामांकन होगा.

– नर्सरी, केजी व प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रवेश लेने वाले बच्चों का विद्यालय से आवास की दूरी अधिकतम एक किलोमीटर और उच्च प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में नामांकन के लिए अधिकतम दूरी तीन किलोमीटर तक रहेगी.

– जिन बच्चों का नामांकन नहीं होता है उनसे ली गयी आवेदन शुल्क की राशि का 80 प्रतिशत राशि वापस लौटाने की व्यवस्था होगी.

– आरटीवई से संबंधित सभी मापदंडों को पूर्ण करना अनिवार्य होगा. संबंधित बोर्ड इन विद्यालयों को संबद्धता देते समय इसका अनुपालन कराना सुनिश्चित करायेंगे.

– शिक्षक व छात्रों को शारीरिक दंड नहीं दिये जाने संबंधी आदेशों का विद्यालयों द्वारा पालन करना होगा.

– बिहार सरकार के शिक्षा विभाग या स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षी पदाधिकारी द्वारा निरीक्षण के लिए विद्यालय किसी भी समय खुला रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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