40 किलोमीटर तक शव लेकर भटकते रहे परिजन, कोरोना जांच के लिए करते रहे फरियाद, 41 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Dec 2020 11:52 AM
रंगरा थाना क्षेत्र के सधुवा गांव निवासी कृष्ण देव उर्फ मतवाला को 14 दिसंबर की शाम अपराधियों ने गोली से भून दिया. गोली की गिनती करने में रंगरा पुलिस और नवगछिया पोस्टमार्टम हाउस के कर्मी कनफ्यूज होते रहे. अंत में शव को पोस्टमार्टम के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. 15 दिसंबर को परिजन शव को लेकर लगभग 40 किलोमीटर का सफर कर भागलपुर आये. यहां आने के साथ ही परिजनों की परेशानी और बढ़ गयी. इस दौरान परिजन कभी शव को लेकर मायागंज अस्पताल जाते तो कभी पोस्टमार्टम हाउस.
रंगरा थाना क्षेत्र के सधुवा गांव निवासी कृष्ण देव उर्फ मतवाला को 14 दिसंबर की शाम अपराधियों ने गोली से भून दिया. गोली की गिनती करने में रंगरा पुलिस और नवगछिया पोस्टमार्टम हाउस के कर्मी कनफ्यूज होते रहे. अंत में शव को पोस्टमार्टम के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. 15 दिसंबर को परिजन शव को लेकर लगभग 40 किलोमीटर का सफर कर भागलपुर आये. यहां आने के साथ ही परिजनों की परेशानी और बढ़ गयी. इस दौरान परिजन कभी शव को लेकर मायागंज अस्पताल जाते तो कभी पोस्टमार्टम हाउस.
15 दिसंबर को शव लेकर परिजन सीधे पोस्टमार्टम हाउस आये. यहां कार्यरत कर्मी ने पोस्टमार्टम से पहले शव के कोरोना जांच की बात कही. मंगलवार दोपहर दो बजे कोरोना जांच कराने एक बार फिर परिजन मायागंज अस्पताल पहुंचे. फिर परिजन मतवाला का शव लेकर अस्पताल जांच कराने पहुंचे. परिजन कभी अस्पताल के डॉक्टर को तो कभी नर्स तो कभी कंट्रोल रूम में जाकर कोरोना जांच कराने का फरियाद करते रहे. इनकी फरियाद के करीब तीन घंटे बाद कोरोना जांच एंटीजन रैपिड किट से लिया गया. बारी रिपोर्ट देने की आयी तो कहा गया आधे घंटे में यह मिल जायेगा. परिजन रिपोर्ट का इंतजार शव के साथ करते रहे. देर शाम तक जब रिपोर्ट नहीं मिली तो परिजनों ने फिर से फरियाद आरंभ किया. इसे किसी ने नहीं सुना .
मृतक मतवाला के भाई शंभु साह ने बताया कि बुधवार सुबह तक जब हमें रिपोर्ट नहीं मिला तो डॉक्टर के पास गये. डॉक्टर ने इसके लिए हमें कंट्रोल रूम जाने के लिए कहा. वहां गये तो कोई जवाब देने वाला नहीं था. अंत में लैब टेक्नीशियन से हमने रिपोर्ट मांगी. यहां भी हमें निराशा हाथ लगी. अंत में हमारा धैर्य जवाब देने लगा. जिसके बाद बुधवार सुबह 11 बजे हमें कोरोना जांच रिपोर्ट दी गयी. इस लापरवाही के कारण शव खराब होने लगा. इससे बदबू निकलना शुरू हो गया है. शव के पास खड़ा रहना मुश्किल है.
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शंभु साह ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए नवगछिया भेजा. वहां के कर्मी ने कहा एक्स रे मशीन ठीक नहीं है. शरीर में कितना गोली है इसका पता नहीं चल पा रहा है. ऐसे में आप शव को लेकर भागलपुर पोस्टमार्टम हाउस चले जाये. यहां आने पर पोस्टमार्टम कर्मी ने कहा की जल्द जाकर कोरोना जांच कराएं. हम लोग पांच बजे तक आप का इंतजार करेंगे. लेकिन समय पर जांच नहीं होने के कारण हमारी परेशानी बढ़ गयी. वहीं अंतिम संस्कार में भी हमें देर हो गया. ठंड के मौसम में हम लोग दो रात खड़े होकर गुजारने का विवश रहे.
मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी की सुविधा बेहतर हो इसके लिए यहां प्रभारी का नियुक्त किया गया है. अस्पताल में रोगियों के परिजनों ने बताया कि ये सुबह 11 बजे आते है और इधर उधर का चक्कर लगा कर निकल जाते हैं. अस्पताल में बेहतर इलाज और सुविधा पाने के लिए जो भी इनके पास जाता है उसे फटकार कर भगा दिया जाता है.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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