अक्तूबर तक शहर के घाटों से दूर हो जायेगी गंगा की मुख्य धार, फिर गाद की ड्रेजिंग की जायेगी

Updated at : 02 Sep 2024 9:56 PM (IST)
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अक्तूबर तक शहर के घाटों से दूर हो जायेगी गंगा की मुख्य धार, फिर गाद की ड्रेजिंग की जायेगी

अक्तूबर तक शहर के घाटों से दूर हो जायेगी गंगा की मुख्य धार, फिर गाद की ड्रेजिंग की जायेगी

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– भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने बिहार सरकार व जिला प्रशासन समेत स्थानीय लोगों से मांगी मदद – गंगानदी के जलस्तर में कमी आने लगी है. बावजूद शहर के सभी मुख्य घाटों से सटकर नदी की धारा बह रही है. बरारी पुलघाट, बरारी वाटर वर्क्स, विसर्जन घाट, खिरनीघाट, मानिक सरकार घाट व बूढ़ानाथ घाट पर पानी लबालब भरा हुआ है. लेकिन सितंबर व अक्तूबर तक गंगानदी की मुख्यधारा फिर से शहर के तटों से दूर चली जायेगी. इससे शहर का भूजल स्तर तेजी से गिरेगा, वहीं वाटर वर्क्स से पेयजल सप्लाई में बाधा आने लगेगी. शहर के लोगों को धार्मिक अनुष्ठान के लिए नदी के ठहरे व नाला का दूषित मिले पानी में डुबकी लगाने को मजबूरी होगी. सबसे ज्यादा परेशानी नदी में आवाजाही करने वाले पर्यटक व मालवाहक जहाज के ठहराव में होगी. बरारी घाट व मानिक सरकार घाट में जलस्तर कम होने से जहाजों का इस होकर निकलना बंद हो जायेगा. इस समस्या से निजात के लिए भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण से योजना बनायी है. इसके तहत मानिक सरकार घाट व गंगानदी के मुख्य चैनल के बीच बने बैरिया धार से गाद की ड्रेजिंग कर इसे कम से कम चार मीटर तक गहरा किया जायेगा. जिससे बैरिया धार होकर गंगा का प्रवाह बना रहे. वहीं बूढ़ानाथ, मानिक सरकार घाट से लेकर बरारी पुल घाट तक नदी का प्रवाह सालों भर बना रहे. प्राधिकरण के निदेशक एलके रजक ने बताया कि ड्रेजिंग के लिए बिहार सरकार व भागलपुर जिला प्रशासन से मदद मांगी गयी है. सालों भर शहर के निकल नदी के प्रवाह के कारण यहां पर्यटक जहाज आते जाते रहेंगे. इसके लिए हमें स्थानीय लोगों का भी सहयोग चाहिये. ड्रेजिंग जहाज की असेंबलिंग हो रही कहलगांव घाट पर : कहलगांव शमशान घाट के उत्तर गंगा नदी के किनारे नॉलेज मरीन कंपनी के द्वारा 10 करोड़ की लागत से ड्रेजिंग जहाज की असेंबलिंग की जा रही है. जहाज की मदद से गंगा नदी के गाद की सफाई की जायेगी. नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की सफाई के लिए निर्माण किए जा रहे दोनों जहाज का कार्य करीब करीब पूरा हो चुका है. कंपनी के इंजीनियरों ने बताया कि पोत परिवहन मंत्रालय की टीम के निरीक्षण के बाद इसे नदी में उतारा जायेगा. इसके अलावे दो और छोटी ड्रेजिंग जहाज बनाये जायेंगे. जिससे गंगा नदी में तीन मीटर से कम पानी वाले जगहों पर जमे गाद को हटा कर गहरा बनाया जायेगा ताकि बड़े मालवाहक जहाज एवं क्रूज चल सकें. खिरनीघाट में आज से क्रूज सेवा की शुरुआत : इधर, भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा बिहार सरकार को उपलब्ध कराया गया एवी राजेंद्र प्रसाद क्रूज का परिचालन बड़ी खंजरपुर स्थित खिरनीघाट से होगा. क्रूज को खिरनीघाट से बूढ़ानाथ घाट के बीच चलाकर शहर के लोगों को 45 मिनट तक सैर सपाटा कराया जायेगा. रोजाना पांच से आठ बजे शाम तक जहाज चलेगा. तीन सितंबर को शाम छह बजे इस सेवा की शुरुआत गंगाआरती से की जायेगी. एक व्यक्ति का टिकट 250 रुपया होगा. वहीं टेबुल बुकिंग का चाज्र 750 रुपये है. टिकट के लिए छोटी खंजरपुर चौक के पास होटल गैलेक्सी में संपर्क करें. अक्तूबर में आयेगा पांडव व गंगा विलास क्रूज : भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक एलके रजक ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कोलकाता व वाराणसी के बीच अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए पांडव व गंगा विलास क्रूज का परिचालन होगा. सितंबर से अक्तूबर के बीच दोनों जहाज भागलपुर से गुजरेंगे.

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