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भागलपुर में फर्जी अपहरण का खुलासा, CBT परीक्षा घोटाले का इंटरस्टेट गिरोह बेनकाब, पंजाब से यूपी तक फैला जाल

Updated at : 26 Dec 2025 4:30 PM (IST)
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Bhagalpur-fake-Kidnapping

मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी

Bhagalpur Fake Kidnapping: भागलपुर में दिल्ली पुलिस कॉस्टेबल परीक्षा से जुड़े अपहरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने जांच में फर्जी अपहरण, करोड़ों की ठगी और CBT परीक्षा में तकनीकी छेड़छाड़ करने वाले इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

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Bhagalpur Fake Kidnapping, विद्यासागर: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा देने अलीगढ़ से भागलपुर आए 19 वर्षीय छात्र करण सिंह के कथित अपहरण मामले का भागलपुर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस ने अपहरण, ठगी और परीक्षा में धांधली करने वाले एक संगठित इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह पर छात्रों से 10 से 15 लाख रुपये तक की अवैध वसूली और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (CBT) में तकनीकी छेड़छाड़ का आरोप है.

पुलिस को किडनैपिंग की सूचना मिली

पुलिस के अनुसार 24 दिसंबर की रात 9:35 बजे सीनियर पुलिस ऑफिसर को सूचना मिली कि अलीगढ़ का रहने वाला करण सिंह लाजपत नगर स्थित अंग इंस्टिट्यूट में दिल्ली पुलिस कॉस्टेबल की परीक्षा देने आया था और उसका अपहरण कर लिया गया है. परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने की सूचना पर मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के सीनियर एसपी के निर्देश पर सिटी एसपी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-2 के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई.

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम जब मुरारी यादव के मकान के सामने पहुंची तो छह-सात युवक पुलिस वाहन देखकर भागने लगे. घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया. पूछताछ में उनकी पहचान सुमित कुमार, गौतम कुमार, बंटी कुमार, नीतीश कुमार, अंकित कुमार, शिवम कुमार उर्फ भूषण और कथित अपहृत छात्र करण सिंह के रूप में हुई. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि करण सिंह का अपहरण वास्तविक नहीं था, बल्कि यह गिरोह की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था.

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क्या खुलासा हुआ

जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के उन छात्रों को जिनके परीक्षा केंद्र पटना, पूर्णिया और भागलपुर में होते थे बहला-फुसलाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था. रकम न देने पर अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई जाती थी.

पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में कई CBT परीक्षा केंद्रों से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं. आरोप है कि गिरोह कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर दूर से स्क्रीन संचालित करता था और सॉल्वर, गूगल और चैटजीपीटी जैसे माध्यमों से सही उत्तर भरवाता था.

गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है. इसमें विभिन्न छात्रों के प्रमाण पत्र, अंक पत्र, प्रवेश पत्र, चेक, पासबुक, एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन, प्रश्नपत्र सेट और परीक्षा से जुड़े अन्य दस्तावेज शामिल हैं.

पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और परीक्षा केंद्रों में संभावित मिलीभगत की गहन जांच की जा रही है. इस खुलासे के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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