खंगाल रही हूं कला केंद्र की फाइल, तीन दिन में सारे कागजात देखने के बाद एक्शन : नगर आयुक्त
Updated at : 28 Dec 2019 7:26 AM (IST)
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भागलपुर : कला केंद्र के जमीन विवाद को सुलझाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. जमीन संबंधी कागजात को ढूंढ़ने का काम नगर निगम प्रशासन ने शुरू कर दिया है. नगर आयुक्त जे प्रियदर्शिनी ने बताया कि कला केंद्र की जमीन से संबंधित जो भी कार्रवाई हुई है, वह उनके […]
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भागलपुर : कला केंद्र के जमीन विवाद को सुलझाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. जमीन संबंधी कागजात को ढूंढ़ने का काम नगर निगम प्रशासन ने शुरू कर दिया है. नगर आयुक्त जे प्रियदर्शिनी ने बताया कि कला केंद्र की जमीन से संबंधित जो भी कार्रवाई हुई है, वह उनके कार्यकाल से वर्षों पहले का है.
इस कारण वह पूरी तरह नहीं जान रही हैं कि पूरा मामला क्या है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले को समझने के लिए फाइलें और कागजात देखना जरूरी है, जिसे खंगाला जा रहा है. यह देखा जा रहा है कि कब लीज हुआ और उसका पीरियड क्या है. दो-तीन दिनों में सारा पिक्चर क्लियर हो जायेगा. इसके बाद एक्शन लिया जायेगा.
नगर आयुक्त से मिलीं कांग्रेस की अनामिका शर्मा : बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव अनामिका शर्मा ने दो-तीन दिन पहले नगर आयुक्त को आवेदन सौंप कर यह आरोप लगाया था कि यह जमीन नगर निगम की है, जिसे निगम ने सब लीज के द्वारा कला केंद्र को दिया था और बाद में सर्वे में जमीन कला केंद्र की हो गयी. शर्मा ने यह मांग की थी कि सब लीज बरकरार रहे और कला केंद्र की जमाबंदी रद्द हो.
दिये गये आवेदन पर की गयी कार्रवाई जानने के लिए शुक्रवार को नगर आयुक्त से मिलने के लिए अनामिका शर्मा व छात्र नेता बमबम प्रीत गये थे. उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त ने एक सप्ताह का समय मांगा है, ताकि सारे कागजात खंगाल कर कार्रवाई की पहल की जा सके.
कला केंद्र का विवाद समाप्त करने के लिए शहर के बुद्धिजीवियों ने सुझाया रास्ता
भागलपुर : कला केंद्र में प्राचार्य आवास पर कब्जा का विवाद समाप्त होने के बाद थाना खुलने का मसला भी खत्म होने की उम्मीद की जा रही है. लेकिन केंद्र की प्रबंध कमेटी का विवाद समाप्त नहीं हुआ है. वजह यह भी है कि कमेटी के पदेन सदस्य का पद खाली पड़ा हुआ है.
प्रबंध कमेटी के गठन की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. कमेटी में बदलाव की मांग उठ रही है. प्रमंडलीय आयुक्त से लेकर नगर आयुक्त तक को आवेदन सौंप कर नयी कमेटी के गठन करने की मांग की गयी है.
इस संदर्भ में शहर के संस्कृतिकर्मी, शिक्षाविद, प्रबंध कमेटी के सदस्य से बात की गयी. उनका कहना था कि कला केंद्र के बायलॉज को ध्यान में रखते हुए नयी कमेटी का गठन होना चाहिए. लेकिन कमेटी का गठन करते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि चयनित लोग निर्विवाद हों.
कला केंद्र पहुंचे मंत्री
भागलपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे शुक्रवार को कला केंद्र पहुंचे. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में कला केंद्र से थाना को हटाया जायेगा. किसी भी भू-माफियाओं को पनपने नहीं दिया जायेगा. असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने कला संस्कृति मंत्री, डीजीपी व डीआइजी से बात कर विषय की जानकारी ली और थाना हटाने को कहा. उन्होंने कला साधना के लिए पहले यहां स्टेज आदि भी बनवाया था. कला साधकों के साथ कला का सम्मान करने के लिए खड़े हैं.
प्रमंडल प्रशासन करे कमेटी का गठन
भागलपुर की जनता कला केंद्र से भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है. न्यायिक रूप से इसकी वर्तमान परिस्थिति क्या है, इस बहस में नहीं जाते हुए इतना तो कहना ही चाहिए कि कला केंद्र में जो वर्तमान स्थिति उत्पन्न हो गयी है वह बहुत दयनीय व निंदनीय है.
प्रशासन ने भी इसका संज्ञान लिया है और प्रशासनिक आदेश का जितना जल्दी कार्यरूप दे दिया जाये, भागलपुर की जनता को उतनी ही प्रसन्नता मिलेगी. कला केंद्र के लिए प्रमंडल प्रशासन द्वारा नियमानुसार यथाशीघ्र नयी कमेटी का निर्माण किया जाये और इसके कार्यक्रमों की एक रूपरेखा भी तैयार की जाये.
राजीव कांत मिश्रा, निदेशक, जेएस एजुकेशन
प्रबंध कमेटी रिन्यूअल होना चाहिए
नयी प्रबंधन कमेटी बने, इसमें कहां किसी को आपत्ति है. कला केंद्र का तो बायलॉज है. हमें जानकारी मिली है कि प्रशासन के लोग कमेटी में सक्रिय नहीं हैं. हमलोगों की यही इच्छा है कि यह सांस्कृतिक केंद्र बने.
नयी प्रबंधन कमेटी बने. प्रशासन के लोग खुद भी सक्रिय होकर कमेटी का गठन करे. कमेटी का रिन्यूअल होना चाहिए. दूसरी बात जमीन की है. जब कला केंद्र के नाम से सर्वे हो चुका है, तो इस पर आपत्ति है ही नहीं. यह आपत्ति होनी चाहिए प्रशासन की न कि किसी अन्य लोगों को.
— प्रो विलक्षण रविदास, कुलानुशासक, टीएमबीयू
चुनें ऐसे लोग, जिन पर उंगली न उठी हो कभी
प्रबंध कमेटी का नये सिरे से गठन हो, लेकिन उसमें जोड़े जानेवाले लोगों के चयन में यह ख्याल रहे कि वे साहित्य-कला-संस्कृति के रूप में समाज को योगदान दिया हो. यह एकमात्र कसौटी होनी चाहिए चयन की. ऐसे लोगों को जोड़ें, जिन पर कभी उंगली न उठी हो. कमेटी के काम में प्ररदर्शिता हो, तभी खोयी प्रतिष्ठा लौटेगी.
सिर्फ प्रशासन पर सबकुछ छोड़ देना उचित नहीं है, क्योंकि प्रशासन द्वारा दिये गये अंग सांस्कृतिक भवन का हाल देखा जा सकता है. कला केंद्र की प्रतिष्ठा पर आज बट्टा लगा है. शहर के सामने चुनौती है इसे लौटाने की. मिलजुल कर प्रयास करने की जरूरत है.
प्रो चंद्रेश, वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी
विवाद दूर करने के लिए कमेटी में बदलाव जरूरी
जमीन का वास्तविक मालिक नगर निगम की तरफ से निष्पक्ष रूप से जमीन की जांच हो. कला केंद्र का मूल उद्देश्य कला संस्कृति को बढ़ाना है. यह निर्बाध रूप से चलता रहे. प्रबंध कमेटी को लेकर जो बातें आ रही हैं, कमेटी में प्रशासनिक पदाधिकारी हैं, वे सारी बातों व तथ्यों को ध्यान में रख कर विवाद दूर करने के लिए नया गठन हो जाये.
प्राचार्य ने जो कदम उठाकर थाने को आमंत्रित किया, यह कला-संस्कृति के हित में प्रतीत नहीं होता है. समस्त कमेटी चाहे, तो अन्य किसी योग्य व्यक्ति को पदासीन करे. हर स्थिति में यह केंद्र अपने गौरवशाली अतीत को लौटाये.
सुनील जैन, सदस्य, कला केंद्र प्रबंध कमेटी
कला केंद्र को बचाने के लिए सभा
भागलपुर. दृष्टि विहार की ओर से विक्रमशिला काॅलोनी में सभा हुई. सभा में कला केंद्र को बचाने को लेकर चर्चा हुई. सभा की अध्यक्षता करते हुए दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि कला केंद्र को बचाने के लिए नुक्कड़ नाटक करेंगे. सभा में नम्रता सिंह, पिंकी कुमारी, ब्यूटी, दिलीप पासवान, कौशल, संजय आदि उपस्थित थे.
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