आयुष चिकित्सक के पास औषधि नहीं, ओपीडी के बाहर बैठते हैं मरीज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Nov 2019 3:09 AM
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भागलपुर : शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरारी, रोजाना यहां करीब औसतन 80 मरीज इलाज कराने आते हैं. यहां सामान्य रोग होने पर ही मरीज पहुंचते हैं. मरीज इस ख्याल से भी यहां आते हैं कि जब इनको यहां से रेफर किया जाता है, तो जेएलएनएमसीएच में तुरंत इलाज होता है. केंद्र में दो चिकित्सक तैनात […]
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भागलपुर : शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरारी, रोजाना यहां करीब औसतन 80 मरीज इलाज कराने आते हैं. यहां सामान्य रोग होने पर ही मरीज पहुंचते हैं. मरीज इस ख्याल से भी यहां आते हैं कि जब इनको यहां से रेफर किया जाता है, तो जेएलएनएमसीएच में तुरंत इलाज होता है. केंद्र में दो चिकित्सक तैनात हैं. एक आयुष तो दूसरे एमबीबीएस डॉक्टर हैं.
सरकार ने यहां एलोपैथी दवा भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराया है, लेकिन औषधि उपलब्ध नहीं है. भवन का रंगराेगन बेहतर है सफाई परफेक्ट है आयुष्मान योजन का प्रचार दूर से ही दिखता है. यानी हेल्थ वेलनेस सेंटर में जो होना चाहिए वह बाहर से दिखता है. अंदर आने पर यहां की मरीजों को समस्या से दो चार होना पड़ता है.
केंद्र प्रभारी के पास नहीं है आयुर्वेदिक औषधि : केंद्र के प्रभारी डॉ हसन है. ये आयुष चिकित्सक है. परेशानी यही से आरंभ होता है. प्रभारी मरीज का इलाज करने के बाद आयुर्वेदिक दवा देना चाहे तो केंद्र में उपलब्ध नहीं है. प्रभारी कहते हैं दवा की खरीद जरूरत होने पर कर ली जाती है. दवा है या नहीं इस सवाल के जवाब पर इन्होंने चुप्पी साध ली. वहीं, दूसरे कर्मी ने बताया कि आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध नहीं है.
आयुष्मान योजना का लाभ लेने नहीं आते मरीज : केंद्र की दीवार आयुष्मान योजना के प्रचार से पटा पड़ा है. हालात यह है अब तक मरीज को योजना का लाभ नहीं मिला है. प्रभारी कहते हैं यहां सामान्य रोग से ग्रसित रोगी ही इलाज कराने आते हैं. गोल्डन कार्ड यहां नहीं बनता है. ऐसे में इस योजना का लाभ लेने कोई नहीं आया है.
दवा देने के लिए फार्मास्टिट नहीं, तो सुरक्षा के लिए गार्ड : केंद्र में आये मरीजों को दवा देने के लिए फार्मास्टिट की यहां बहाली नहीं है. ऐसे में यहां के कर्मी ही इस कार्य को किसी तरह से कर रहे हैं. इस परेशानी के अलावा यहां रात में सुरक्षा के लिए कोई गार्ड उपलब्ध नहीं है. जिससे यहां के लोग भय में रहते हैं. इनका कहना है कि रात में सुरक्षा के लिए गार्ड बेहद जरूरी है. उम्मीद है हमारी यह मांग जरूर पूरी होगी. मरीजों को यहां शुद्ध पानी मिलता है.
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