बीसीइ में 300 सीट पर एडमिशन 75 सीट नहीं किया जायेगा कम

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भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (बीसीइ) के शैक्षणिक सत्र 2019 -20 में बीटेक के 5 ब्रांच में 60-60 सीटों पर होगा एडमिशन कॉलेज की अपील के बाद जुलाई तक संसाधन पूरा करने का दिया गया मौका भागलपुर : ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीइ) ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की सीटें कम करने का प्रस्ताव के बाद […]

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भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (बीसीइ) के शैक्षणिक सत्र 2019 -20 में बीटेक के 5 ब्रांच में 60-60 सीटों पर होगा एडमिशन

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कॉलेज की अपील के बाद जुलाई तक संसाधन पूरा करने का दिया गया मौका
भागलपुर : ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीइ) ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की सीटें कम करने का प्रस्ताव के बाद अपना फैसला वापस ले लिया है. शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कॉलेज के पांच ब्रांच में बीटेक की 300 सीटों पर एडमिशन होगा. जनवरी में एआइसीटीइ ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की 25 फीसदी सीटों को कम करने का प्रस्ताव पत्र जारी कर दिया था. कुल 300 में 75 सीटें कम कर 225 करने की तैयारी चल रही थी.
लेकिन 15 जनवरी को इंजीनियरिंग कॉलेज ने एआइसीटीइ के रिजनल सेंटर कानपुर को मेल कर अपील दायर किया. 29 जनवरी को कानपुर में बैठक के बाद एआइसीटीइ ने अपना फैसला वापस ले लिया. रिजनल सेंटर ने नये सत्र में एडमिशन से पहले आठ बिंदुओं पर कमी दूर करने का निर्देश दिया है. इस प्रक्रिया में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ फकरुद्दीन अंसारी, गोविंद कुमार झा व डॉ अचलेश सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
एआइसीटीइ ने कहा-जल्द करें कॉलेज में सुधार : वर्तमान समय में कॉलेज 68 शिक्षक हैं. इनमें टेक्यूप योजना के तहत 49, गेस्ट फैकल्टी 5 व रेगुलर फैकल्टी की संख्या 17 है. रेगुलर फैकल्टी की कमी के आधार पर कार्रवाई हुई थी. अब रेगुलर शिक्षक की व्यवस्था करनी है. इसके अलावा नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी, रीडिंग रूम कैपेसिटी, लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, कैफेटेरिया को विकसित करना है. छात्र व शिक्षकों का इंश्योरेंस, टीचर पैरेंट्स एफिडेविट समेत आठ बिंदुओं पर सुधार करना है.
दरअसल 18 नवंबर को भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रजेंटेशन हुआ था. मौके पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ फखरुद्दीन अंसारी मौजूद नहीं थे. कॉलेज की तरफ से असिस्टेंट प्राेफेसर गोविंद कुमार झा प्रजेंटेशन के लिए गये थे. प्रजेंटेशन ठीक नहीं दिया गया. एआइसीटीइ ने जिन कमियों के आधार पर यह कार्रवाई की थी, उनमें शिक्षकों की संख्या सबसे प्रमुख है.

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