भागलपुर : पूर्व नगर आयुक्त अवनीश सिंह के समय की खरीद पर उठे सवाल, वर्ष 2016-17 में जो उपकरण खरीदे गये, वे फेंके गये हैं या हो रहे उपयोग

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
भागलपुर : भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड में वर्ष 2016-17 में खरीदे गये उपकरण की हालत कैसी है, इसको लेकर भी कंपनी अध्यक्ष सह प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने जांच का निर्देश दिया है. कंपनी निदेशक सह डीएम प्रणव कुमार को तमाम उपकरण की फिलहाल उपयोगिता की जांच कर रिपोर्ट सप्ताह भर के अंदर देने के लिए कहा है. कमिश्नर ने डीएम से कहा कि एक टीम का गठन करके यह जांच करवाएं कि सभी उपकरणों का वास्तविक उपयोग क्या हो रहा है.
जांच के दौरान खराब उपकरण व अन्य सामान के साथ उपयोग नहीं होनेवाले उपकरण पर खर्च के संबंध में जिम्मेदारी तय की जायेगी. इस मामले में पूर्व में भी जांच रिपोर्ट मांगी गयी थी, लेकिन अब तक जिला से कमिश्नरी को जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करायी गयी है.
  • कंपनी के ऑडिट में भी मानक के उल्लंघन की आयी थी बात
  • 2017 के मई व जून में खरीदे थे कचरा प्रबंधन के सामान
पूर्व सीइओ अवनीश कुमार सिंह के कार्यकाल में कचरा प्रबंधन के सामान स्मार्ट सिटी के फंड से खरीदे गये थे. 2017 के मई व जून में सामान की खरीद की गयी थी. इन सामान को स्मार्ट सिटी फंड से भुगतान की फाइल कंपनी सीएफओ को दी गयी तो उन्होंने आपत्ति लगा दी. कहा कि कचरा प्रबंधन के सामान के सामने दर नहीं लिखा है.
सीएफओ की आपत्ति लगने के बाद भुगतान का काम रुक गया. नवंबर 2017 में नये सीइओ के रूप में नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा आ गये. अलग-अलग एजेंसी से सामान खरीद हुए करीब 25 लाख रुपये की कुल लागत थी.सामान की अलग-अलग कीमत 10 लाख रुपये से कम की थी. सीइओ ने भुगतान को लेकर अध्यक्ष सह कमिश्नर के पास मार्गदर्शन भेजा था.
इन योजना के हुए थे टेंडर
योजना दिये गये टेंडर
ई ट्रैफिक सिस्टम 382375 रुपये
ट्रैफिक ट्रॉली साइनेज 275600 रुपये
फाउंटेन ग्रिप हेइवे 434600 रुपये
ट्रांसपोर्ट सिस्टम इलेक्ट्रानिक सिस्टम पोल 178250 रुपये
इलेक्ट्रानिक ट्रैफिक सिस्टम पोल 323587 रुपये
इनवेटर बैटरी अंडरग्राउंड वायर 448213 रुपये
बायो टॉयलेट अब हो गये बेकार
बायो टॉयलेट पर 18 लाख 57 हजार 900 रुपये खर्च हुए, लेकिन इस भुगतान के बदले कोई बिल नहीं लिया गया. फर्म का प्रोफाइल व उसके पैन कार्ड भी नहीं जमा कराये गये.
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की योजना के नाम पर1.5 कराेड़ रुपये से अधिक के उपकरण की हुई खरीद
दो अलग-अलग कंपनी से रोड स्वीपिंग मशीन व मिनी जेट
रिफ्यूज कैपेस्टर
डिसिल्टिंग व मिनी डिसिल्टिंग मशीन
ओडब्ल्यू कंपोस्टर
गैल्वेनाइज बिन 1.1 कम एंड 3.5 कम
कूड़ा ढोनेवाली रिक्शा
सीवरेज लाइन से पानी खींचने वाला वाहन
स्मार्ट प्लास्टिक डस्टबीन
आइ स्विम(सूचना तकनीक का साॅफ्टवेयर)
सड़क की सफाई करने वाली बड़ी मशीन
प्रभात खबर ने आठ मार्च 2018 के अंक में बेकार के खर्च का उठाया था मामला
प्रभात खबर ने आठ मार्च 2018 के अंक में स्मार्ट सिटी कंपनी के करीब 99 काम-काज में हुए खर्च का मामला प्रमुखता से उठाया था. मानक को ताक पर रखते हुए कामकाज व राशि का भुगतान करने, कार्य एजेंसियों पर बगैर बिल करोड़ों रुपये खर्च करने, फर्म का प्रोफाइल व उनके संबंधित काम का सर्टिफिकेट नहीं लेने आदि तमाम मामलों के बारे में बताया था.
Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें