भागलपुर : काउंटर पर यात्रियों के लिए कम पड़ रहा टिकट

Updated at : 18 Dec 2018 8:26 AM (IST)
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भागलपुर :  काउंटर पर यात्रियों के लिए कम पड़ रहा टिकट

ब्रजेश, भागलपुर : मंदारहिल रेलखंड पर जिस हिसाब से ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, उस हिसाब से अभी भी टिकट की बिक्री नहीं हो रही है. इस पर रेलवे का भी ध्यान नहीं है. ऐसा नहीं है कि यात्री टिकट खरीदने से गुरेज करते हैं, बल्कि बिक्री के लिए छोटे स्टेशनों के काउंटर पर टिकट […]

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ब्रजेश, भागलपुर : मंदारहिल रेलखंड पर जिस हिसाब से ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, उस हिसाब से अभी भी टिकट की बिक्री नहीं हो रही है. इस पर रेलवे का भी ध्यान नहीं है. ऐसा नहीं है कि यात्री टिकट खरीदने से गुरेज करते हैं, बल्कि बिक्री के लिए छोटे स्टेशनों के काउंटर पर टिकट ही कम पड़ जा रहा है.
इस परिस्थिति में किसी भी छोटे स्टेशनों से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. उन्हें बेटकिट रिस्क उठाते हुए भागलपुर में टिकट लेना पड़ रहा है.
इसकी कई बार शिकायत भी की गयी है मगर, इस पर रेलवे की ओर से कोई कार्रवाई तक नहीं हो सका है. सोमवार को भी बांका इंटरसिटी के समय में कई छोटे स्टेशनों पर यात्रियों को टिकट नहीं मिला.
यात्रियों द्वारा इसका कारण पूछे जाने पर काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने टिकट खत्म होने की बात कही. लोग मजबूरन बेटिकट भागलपुर तक पहुंचे और फिर टिकट लेकर उसी ट्रेन से आगे का सफर पूरा किया गया.
टिकट लेकर ट्रेन में नहीं चलने वाले उतर जाते आउटर पर : मंदारहिल सेक्शन से भागलपुर आने वाली ट्रेनों में ज्यादतर आउटर पर ही रुक जाया करता है. ट्रेन रुक जाने पर वे आसानी से उतर जाते हैं.
पूंजी लगाने के लिए तैयार हैं मगर, टिकट बिकता नहीं है. सप्ताह में 50 टिकट उठाते हैं मगर, दो-चार टिकट ही बिकता है. रेलवे से पेट भरने लायक पैसा ही नहीं जुटेगा, तो टिकट स्टॉक कोई कैसे करेगा.
प्रकाश चौधरी, कांट्रैक्टर, पुरैनी स्टेशन
मंदारहिल रेलखंड के छोटे स्टेशनों पर कांट्रैक्टर सेल के आधार पर बिक्री के लिए टिकट ले जाता है. महीने में 5-10 हजार रुपये का ही टिकट बिकता है.
बुकिंग इंचार्ज, बुकिंग ऑफिस, भागलपुर जंक्शन
सेल नहीं बता कर कांट्रैक्टर बिक्री के लिए भागलपुर से ले जाते हैं कम टिकट
कांट्रैक्ट किसी को, चलाता कोई और है
छोटे स्टेशनों पर टिकट की बिक्री के लिए कांट्रैक्ट जिस किसी को मिला है, उसमें से ज्यादातर दूसरे को चलाने दे रखा है. दूसरों को जब बचत होती है, तभी टिकट पर पूंजी भी लगता है. वरना, कुछ काउंटर तो खुलता तक नहीं है. कांट्रैक्टर के अनुसार टिकट बिक्री के लिए एक व्यक्ति रखने का नियम है.
पांच-10 हजार से ज्यादा का नहीं बिकता टिकट
मंदारहिल रेलखंड के सभी छाेटो स्टेशनों को मिला कर महीने में पांच-10 हजार से ज्यादा टिकट नहीं बिकता है. दरअसल, छोटे स्टेशनों में कोई सप्ताह में 50 तो कोई 100 टिकट की बिक्री के लिए भागलपुर स्टेशन से ले जाता है. जबकि ट्रेनें यात्रियों से भरी हुई भागलपुर पहुंचती है.
टिकट कम पड़ जाने के ये रहे कारण
मंदारहिल रेलखंड पर छोटे स्टेशनों में टिकट बिक्री निजी हाथों में सौंपा गया है. इन स्टेशनों पर टिकट की बिक्री सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि निजी स्तर पर होती है. कांट्रैक्टर भागलपुर स्टेशन से टिकट ले जाकर छोटे स्टेशनों पर बिक्री करता है.
उनकी ओर से सेल नहीं बता कर टिकट ही कम लाया जाता है. सेल जिस दिन ज्यादा होती है, उस दिन यात्रियों के लिए टिकट ही कम पड़ जाता है. इस तरह से सप्ताह में दो-तीन दिन छोटे स्टेशनों के काउंटर पर टिकट ही नहीं मिलता है.
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