कुलपति के नहीं रहने का साइड इफेक्ट, वीसी के इंतजार में एक हजार छात्रों को नहीं मिल पा रही डिग्री
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Nov 2018 6:58 AM (IST)
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भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे प्रो नलिनीकांत झा के निधन को 22 दिन बीत चुके हैं. लेकिन विवि को अबतक कुलपति नहीं मिलने से छात्रों की परेशानी बढ़ने लगी है. कुलपति के इंतजार में एक हजार छात्रों को डिग्री नहीं मिल पा रही है. जबकि स्नातक पास कर चुके छात्रों का डिग्री […]
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भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे प्रो नलिनीकांत झा के निधन को 22 दिन बीत चुके हैं. लेकिन विवि को अबतक कुलपति नहीं मिलने से छात्रों की परेशानी बढ़ने लगी है. कुलपति के इंतजार में एक हजार छात्रों को डिग्री नहीं मिल पा रही है. जबकि स्नातक पास कर चुके छात्रों का डिग्री बनकर तैयार है.
बताया जा रहा है कि डिग्री पर कुलपति का हस्ताक्षर होना ही शेष रह गया है. हस्ताक्षर होने के बाद ही छात्रों को डिग्री मिल पायेगी. नियमानुसार कार्यकारी कुलपति को डिग्री पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है. प्रभार मिलने के बाद ही डिग्री पर हस्ताक्षर करने का प्रावधान है. डिग्री लेने के लिए प्रतिदिन दूरदराज से दर्जनों छात्र-छात्राएं विवि पहुंच रहे हैं.
हस्ताक्षर नहीं होने के कारण लौट कर जा रहे हैं. ऐसा ही चलता रहा, तो विवि के कई और महत्वपूर्ण कार्य आने वाले दिनों में प्रभावित हो सकता है. नवगछिया से आये संतोष कुमार ने बताया कि उसकी नौकरी लगने वाली है. पिछले एक माह से स्नातक की डिग्री लेने के लिए वह विवि का चक्कर लगा रहा है. परीक्षा विभाग के कर्मचारी ने कहा कि एक माह बाद आना मिल जायेगा. अब आने पर कहा जा रहा है कि नये कुलपति के आने के बाद ही डिग्री दी जायेगी.
कहलगांव से आयी छात्रा सलमा ने बताया कि दिसंबर में राेजगार के लिए कई आवेदन निकलने वाला है. मूल प्रमाण पत्र की मांग की गयी है. दो माह पहले डिग्री देने के लिए विवि में आवेदन दिया था. उस समय बोला गया कि एक माह के बाद आना. अब आने पर कहा जा रहा है कि नये कुलपति के आने के बाद मूल प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा.
गेस्ट अभ्यर्थी शिक्षकों का रिजल्ट नहीं हो रहा जारी
कुलपति के नहीं रहने के कारण गेस्ट अभ्यर्थी शिक्षकों का रिजल्ट जारी नहीं हो पा रहा है. गेस्ट शिक्षक की बहाली प्रक्रिया को 11 माह बीत चुके हैं. बताया जा रहा है कि गेस्ट शिक्षकों की रोस्टर के अनुसार तैयार कर ली गयी है. लेकिन कुछ तकनीकी पहलू बाकी है. इसमें कुलपति का निर्देश लेना अनिवार्य है. लेकिन विवि को कुलपति अबतक नहीं मिले हैं.
नवंबर का फंस सकता है वेतन
टीएमबीयू के शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का नवंबर माह का वेतन भुगतान फंस सकता है. विवि सूत्रों के अनुसार वेतन संबंधित फाइल पर कुलपति का हस्ताक्षर होता है. कार्यकारी कुलपति को अधिकारी राजभवन से नहीं मिला है. ऐसे में वेतन फाइल पर हस्ताक्षर कौन करेगा.
विवि कर्मचारियों का अटका प्रमोशन
विवि के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाना है. लेकिन कुलपति के नहीं रहने के कारण प्रमोशन की फाइल अटक गयी है. कर्मचारी सीनेट सदस्य बलराम सिंह ने कहा कि कुलपति के नहीं रहने से कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं मिल पा रहा है. जबकि सारा कुछ तैयार है.
स्नातक की डिग्री लेने के लिए प्रतिदिन दर्जनों छात्र टीएमबीयू आकर लौट रहेनियमानुसार कार्यकारी कुलपति को डिग्री पर हस्ताक्षर करने का अधिकार ही नहीं
परीक्षा हो सकती है प्रभावित
विवि में दिसंबर से शुरू हो रही पार्ट थ्री व बीसीए की परीक्षा प्रभावित हो सकती है. कुलपति के नहीं रहने पर परीक्षा संबंधित होने वाले खर्च के लिए राशि कहां से आयेगी. इसे लेकर परीक्षा विभाग के अधिकारी की परेशानी बढ़ने लगी है. हालांकि कार्यकारी कुलपति प्रो रामयतन प्रसाद ने कहा कि परीक्षा को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जायेगी.
ढाई लाख कॉपी की जरूरत, विवि में कागज नहीं
बीसीए व पार्ट थ्री परीक्षा क्रमश: तीन व चार दिसंबर से शुरू हो रही है. दोनों परीक्षा के लिए ढाई लाख कॉपी की जरूरत है. बताया जा रहा कि विवि के पास 50 हजार कॉपी ही है. कॉपी तैयार करने के लिए विवि के पास कागज नहीं है. मामला प्रकाश में आने के बाद नियमानुसार कार्यकारी कुलपति ने रजिस्ट्रार आदि अधिकारी के साथ बैठक की. कार्यकारी कुलपति प्रो रामयतन प्रसाद ने बताया कि कागज की व्यवस्था कर दी गयी है. 30 नवंबर से कॉलेजों में कॉपी भेजना शुरू किया जायेगा.
बिहपुर. प्रखंड व अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार व जन समस्याओं के निदान की मांग को लेकर मंगलवार को बिहपुर अंचल भाकपा ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना दिया. धरना में अंचल मंत्री हिमांशु कुमार व निरंजन चौधरी ने केंद्र व राज्य सरकार के जनविरोधी नीतियों की आलोचना व सरकारी कार्यालयों में व्याप्त अफसरशाही के खिलाफ नारेबाजी की.
नौ सूत्री मांगों का सूबे राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रखंड कार्यालय में सौंपा. ज्ञापन सौंपने वालों में हिमांशु कुमार, निरंजन चौधरी, देवता देवी, अमल शर्मा, जयप्रकाश सनगही व संजय पंडित आदि शामिल थे. धरना में पुरेंद्र महतो, मखेंदु कुंवर, भास्कर झा, कृष्णदेव कुंवर आदि शामिल थे. धरना की अगुवाई अंचल मंत्री हिमांशु कुमार व संचालन निरंजन चौधरी ने किया. मौके पर सरकार, भ्रष्ट सरकारी पदाधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ नारेबाजी की.
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