भागलपुर : दो बच्चियों को भर्ती करा कर परिजन फरार, एक की मौत
Updated at : 14 Jul 2018 9:48 AM (IST)
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घटनास्थल से 111.4 किलोग्राम एलपीजी गैस बरामद, पांच एजेंसी को दिया गया जब्त सिलिंडर भागलपुर : विगत सोमवार को परबत्ती में हुए एलपीजी गैस सिलिंडर विस्फोट मामले में गुरुवार देर रात आपूर्ति विभाग द्वारा दर्ज कराए गए केस में विवाह भवन की आड़ में चल रहे सिलिंडर के अवैध भंडारण और एलपीजी के ब्लैक में […]
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घटनास्थल से 111.4 किलोग्राम एलपीजी गैस बरामद, पांच एजेंसी को दिया गया जब्त सिलिंडर
भागलपुर : विगत सोमवार को परबत्ती में हुए एलपीजी गैस सिलिंडर विस्फोट मामले में गुरुवार देर रात आपूर्ति विभाग द्वारा दर्ज कराए गए केस में विवाह भवन की आड़ में चल रहे सिलिंडर के अवैध भंडारण और एलपीजी के ब्लैक में बेचने का आरोप लगाया गया है. बता दें कि मलबों के नीचे से बरामद 217 एलपीजी सिलिंडरों में से 179 एक्सपायर थे. वैध अवधि वाले सिलिंडरों में से 111.4 किलोग्राम गैस सिलिंडर बरामद किए गये हैं, जोकि मानकों के विरूद्ध है. मामले में दर्ज किए गए केस में आवश्यक खाद्य वस्तु अधिनियम के उल्लंघन की धाराएं लगायी गयी है.
जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रभारी पणन पदाधिकारी रजनीश झा के बयान पर तातारपुर थाना केस दर्ज कराया गया है. जिला प्रशासन की ओर से दिए गए आवेदन में यह स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि, शंकर गैस सर्विसेस स्थित विवाह भवन के दक्षिणी छोर स्थित मकान के मलबे के नीचे से कुल 217 एलपीजी सिलिंडर पाये गये, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विवाह भवन की आड़ में उक्त गैस एजेंसी द्वारा रिहायशी इलाके में गैस सिलिंडरों का अवैध भंडारण (जोकि गोदाम के लिए अधिसूचित स्थल को छोड़कर किसी अन्य स्थल पर) किया जाता था. साथ ही पाये गए भरे हुए सिलिंडरों में एलपीजी की कुल मात्रा 111.4 किलोग्राम है, जोकि 100 किलोग्राम से अधिक होने के कारण एक्प्लोसिव एक्ट अंतर्गत गैस सिलिंडर नियम 2016 का उल्लंघन है. घटनास्थल से पाए गए विभिन्न प्रकार के छोटे-बड़े, घरेलू-कॉमर्सियल, खाली एवं भरे गैस सिलिंडर पाये गया. साथ ही जांच के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ के क्रम में पता चला कि विवाह भवन की आड़ में वहां अवैध ढंग से गैस भरकर कालाबाजारी करने का कार्य किया जाता था. इसके अलावा घटनास्थल पर पाये गए 30 अग्निशमन यंत्रों से 1 को छोड़कर सभी 29 अग्निशामक यंत्र एक्सपायर्ड पाये गए जोकि आपदा प्रबंधन के नियमों का भी उल्लंघन है.
अबतक नहीं हुआ विवाह भवन में लगे सीसीटीवी के फुटेज की जांच कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
विस्फोट मामले में पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति करने के आरोप लगने लगे हैं. विवाह भवन में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं होना लग रहे आरोपों की गवाही दे रहा है. विवाह भवन के भीतर ठीक उसी जगह कैमरे का फोकस है, जहां धमाका हुआ है. इधर चार लोगों के मौत के जिम्मेदार शंकर प्रसाद साह पर पुलिस और प्रशासन द्वारा दो अलग-अलग केस दर्ज कराने के बाद और मामले के पांच दिन बीतने के बाद भी फरार रहने की वजह से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. शांति विवाह भवन में हुए सिलिंडर विस्फोट मामले में दर्ज केस में शंकर गैस एजेंसी और शांति विवाह भवन के संचालक शंकर प्रसाद साह को आरोपी बनाया गया है.
मलबे के पास से हटाए गये पुलिसकर्मी, घर के मुख्य दरवाजों को किया बंद : एलपीजी सिलिंडर विस्फोट के बाद शंकर गैस एजेंसी स्थित शांति विवाह भवन में घटनास्थल पर गुरुवार से ही मलबा हटाने का काम बंद कर दिया गया है. शुक्रवार को घटनास्थल से जहां पुलिसकर्मियों को हटा लिया गया है. वहीं शंकर प्रसाद साह के परिजनों ने विवाह भवन के दरवाजों को बंद कर लिया. बुधवार रात शंकर प्रसाद साह के परिजनों ने मलबा हटाने का विरोध कर दिया था.
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