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स्कूली शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले की पोस्टिंग में लगातार अंतिम स्थान पर बना हुआ है पश्चिम चंपारण

Updated at : 10 Jun 2025 5:52 PM (IST)
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स्कूली शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले की पोस्टिंग में लगातार अंतिम स्थान पर बना हुआ है पश्चिम चंपारण

शिक्षा विभाग के स्तर से जारी स्वीकृत सूची और ऑनलाइन पोस्टिंग का सख्त आदेश स्कूली शिक्षक शिक्षिकाओं के ऐच्छिक तबादले के पोस्टिंग की रफ्तार काफी धीमी है.

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बेतिया. शिक्षा विभाग के स्तर से जारी स्वीकृत सूची और ऑनलाइन पोस्टिंग का सख्त आदेश स्कूली शिक्षक शिक्षिकाओं के ऐच्छिक तबादले के पोस्टिंग की रफ्तार काफी धीमी है. पश्चिम चंपारण जिला सहित बिहार के कुल 38 जिलों के लिए कुल 25 दिन की समय सीमा में से 15 दिन बीत जाने के बावजूद बिहार की औसत उपलब्धि मात्र 38.49 फीसदी ही पहुंच पाई है. वहीं पश्चिम चंपारण जिले का इसी धरातल पर उल्लेख करें तो यहां के लिए कुल 4898 शिक्षक शिक्षिकाओं का ट्रांसफर/पोस्टिंग विभाग से स्वीकृत है. इसके विरुद्ध बीते 15 दिन से जारी स्कूलों में रिक्ति के आधार पर ऑनलाइन पोस्टिंग में पश्चिम चंपारण जिला लगातार बिहार भर में सबसे निचले पैदान पर फंसा हुआ है. विभाग स्तर से सोमवार 9 जून को पूर्वाह्न 9 बजे तक के उपलब्धि के विभागीय तौर से जारी आंकड़ों के अनुसार तब तक मात्र 867 शिक्षक शिक्षिकाओं को स्कूल ही स्कूलों का आवंटन किया जा सका है. इस प्रकार शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटन में मात्र अब तक मात्र 19.74 प्रतिशत आवंटन हो सका है. सूबे में शिक्षक शिक्षिकाओं के ट्रांसफर/ पोस्टिंग की जारी प्रक्रिया में जमुई, खगड़िया और शिवहर जिला आगे है. शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण के लक्ष्य हासिल करने वाले को ग्रीन जोन में रखा है.सूबे में सात जिले ग्रीन जोन है. जिसमें जमुई, खगड़िया, शिवहर, शेखपुरा, किशनगंज, अरवल, जहानाबाद शामिल हैं. नौ जून की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य भर में अबतक 42700 शिक्षकों को स्कूल अलाट किए गए हैं. शिक्षक शिक्षिकाओं के ट्रांसफर-पोस्टिंग में पश्चिम चंपारण 38 वें, दरभंगा 37वें और मुजफ्फरपुर 36 वें स्थान पर दिखाया गया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ के सख्त निर्देश के अनुसार आगामी 20 जून तक हर हाल में विभाग से संसुचित शिक्षक शिक्षिकाओं को आवंटित स्कूल की जानकारी अचूक रूप से दे देनी है. अपर मुख्य सचिव डाॅ एस सिद्धार्थ ने 20 जून तक हर हाल में शिक्षकों को ई शिक्षा कोष एप के माध्यम से स्कूल की जानकारी मिल जाने की बात कही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि साफ्टवेयर में ऐसी कोडिंग की गई कि उसमें किसी प्रकार की हेराफेरी की संभावना नहीं है. ट्रांसफर पोस्टिंग करने वाले किसी भी कर्मी को यह जानकारी नहीं है कि किस शिक्षक की पोस्टिंग कहां की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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