24 घंटे बाद भी पकड़ से दूर है जानलेवा बाघ, 1 महीने में 3 मौतों से सहमा वाल्मीकिनगर

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कैमरा ट्रैप और पिंजरा लगाया, मचान से निगरानी तेज

वाल्मीकिनगर में बाघ का खौफ बढ़ गया है, जहां एक किसान की मौत के 24 घंटे बाद भी वह वन विभाग की पकड़ से दूर है. पिछले एक महीने में तीन लोगों की जान ले चुका यह बाघ ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है. वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए घेराबंदी तेज कर दी है.

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West Champaran News: वाल्मीकिनगर. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के सीमावर्ती गांवों में बाघ की बढ़ती चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. भेड़ीहारी गांव में किसान विजय हालदार की बाघ के हमले में मौत के 24 घंटे से अधिक समय बाद भी बाघ वन विभाग की पकड़ से दूर है. लगातार स्थान बदल रहे बाघ की सटीक लोकेशन ट्रैक करना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है. पिछले एक माह में बाघ के हमले में तीन लोगों की मौत की घटनाओं के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंता और बढ़ गई है.

Valmikinagar News: किसान की मौत के बाद बाघ की तलाश तेज

भेड़ीहारी गांव में किसान विजय हालदार की मौत के बाद वन विभाग ने बाघ की तलाश और निगरानी अभियान तेज कर दिया है. संभावित क्षेत्रों में वनकर्मियों की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं. बाघ के पदचिह्न और अन्य गतिविधियों के आधार पर उसकी मौजूदगी वाले स्थानों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

कैमरा ट्रैप और पिंजरा लगाया, मचान से निगरानी

वन विभाग ने बाघ की संभावित गतिविधियों वाले इलाकों में कैमरा ट्रैप लगाए हैं. बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है. इसके अलावा मचान बनाकर वनकर्मी दिन-रात निगरानी कर रहे हैं.

जंगल और आसपास के क्षेत्रों में टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके.

माइकिंग कर ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम शनिवार से भेड़ीहारी समेत आसपास के गांवों में माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है. ग्रामीणों से जंगल और उससे सटे इलाकों में जाने से बचने की अपील की जा रही है.

विशेष रूप से सुबह और शाम के समय लोगों को अकेले खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है.

मवेशियों को जंगल में नहीं ले जाने की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से मवेशियों को जंगल में चराने के लिए नहीं ले जाने और रात में उन्हें सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखने की अपील की है.

ग्रामीणों से कहा गया है कि यदि कहीं बाघ दिखाई देता है, पंजों के निशान मिलते हैं या किसी अन्य वन्यजीव गतिविधि का पता चलता है तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें.

कोर क्षेत्र में प्रवेश पर रोक

वन विभाग ने वीटीआर के कोर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश पर पूरी तरह रोक की जानकारी दी है. ग्रामीणों से बफर क्षेत्र में भी अकेले नहीं जाने की अपील की गई है.

सीएफ गौरव ओझा ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं. पिंजरा, कैमरा ट्रैप, मचान और गश्ती टीमों के माध्यम से बाघ को ट्रैक करने की कवायद लगातार जारी है.

एक महीने में तीन मौतों से बढ़ी चिंता

पिछले एक महीने में बाघ के हमले में तीन लोगों की मौत की घटनाओं के बाद सीमावर्ती गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ जंगल से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है.

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Vivek Kumar

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