बाघ ने किशोरी को मार डाला, दोनों हाथ खा गया

Updated at : 10 Jan 2026 8:45 PM (IST)
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बाघ ने किशोरी को मार डाला, दोनों हाथ खा गया

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर वनक्षेत्र से सटे गंडक नदी पार उत्तर प्रदेश के निचलौल वन क्षेत्र में एक बाघ के लकड़ी लेेने गयी किशोरी को मार डाला.

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बगहा/हरनाटांड़ (पचं) . वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर वनक्षेत्र से सटे गंडक नदी पार उत्तर प्रदेश के निचलौल वन क्षेत्र में एक बाघ के लकड़ी लेेने गयी किशोरी को मार डाला. यह घटना बगहा मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर, बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा से लगे महाराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन क्षेत्र के मरचहवा गांव की है. साथ गए अन्य बच्चों के मुताबिक, किशोरी की सिर्फ एक बार चीखने का आवाज आयी. बाघ उसे गन्ने के खेत में खींच ले गया. बाघ ने खेत में ही किशोरी को मार डाला. उसका दोनों हाथ खा गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. सोहगीबरवा पुलिस और वन विभाग ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.वन विभाग की टीम आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है. ग्रामीण दहशत में किशोरी की पहचान मरचहवा गांव निवासी उमेश कन्नौजिया की पुत्री लचीया उर्फ गुड्डी (13) के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर लचीया अपनी बड़ी बहन के साथ खेत में गन्ना काटने गई थी. इसी दौरान बड़ी बहन अलाव के लिए लकड़ी लेने पास में चली गई. जब वह लौटी, तो लचीया वहां नहीं मिली. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला. इसके बाद बहन घर लौट आयी. परिजनों को जानकारी दी. परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे व टॉर्च लेकर रात करीब दो बजे तक बच्ची की तलाश करते रहे, कोई सुराग नहीं मिला. शनिवार को सुबह फिर से खोजबीन शुरू की गई. खेत से जंगल की ओर जाते हुए खून के धब्बे और बच्ची का चप्पल मिला. आगे बढ़ने पर जंगल के पास उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. उसके दोनों हाथ गायब थे. इससे बाघ के हमले की पुष्टि हुई. सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. सुबह जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव चाचा कन्हैया और ग्रामीण लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर खोजने निकले थे. सुबह 7 बजे परिजनों ने फिर से खोजबीन शुरू की, तो एक घंटे बाद 8 बजे घर से 300 मीटर की दूरी पर जंगल में खून के धब्बे दिखे. आगे बढ़े तो लचीया का चप्पल मिला. कुछ ही दूरी पर कपड़े बिखरे मिले. 20 मीटर और आगे बढ़े, तो झाड़ियों और खेत के बीच शव मिला. मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अंसारी भी मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम के साथ पहुंचा. यह मामला यूपी के निचलौल क्षेत्र का है फिर भी जांच पड़ताल की जा रही है. वन संरक्षक सह निदेशक नेशामणि के ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर वीटीआर की टीम को भेजा गया है. मामला यूपी का है. रेंजर बोले- टीम ट्रैकिंग कर रही है, बाघ होने की संभावना सोहगीबरवा वन क्षेत्र के रेंजर सुनील कुमार राव ने बताया शव को बरामद कर लिया गया है. अब तक जानवर के पैरों के कोई निशान नहीं मिले हैं. बाघ या तेंदुए का हमला हो सकता है. पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. ग्रामीणों से अपील है कि जंगल की ओर न जाएं खड्डा क्षेत्र के इलाके में पहले से बना है हिंसक जानवरों का खौफ खड्डा इलाके के मरचहवा, शिवपुर, बसंतपुर, नारायणपुर, हरिहरपुर व महाराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन सेंचुरी से जुड़े बसही आदि नदी उस पार के गांवों में हिंसक जानवरों का खौफ बना रहता है. मरचहवा गांव में बीते वर्ष से लेकर अब तक लगातार कभी बच्चों पर हमला तो कभी गाय व बकरी की जीवन लीला समाप्त करने को हिंसक जंगली जानवर आतुर हैं. अब देखना होगा कि मानव जीवन को बचाने के लिए महराजगंज एवं कुशीनगर वन विभाग एवं शासन, प्रशासन क्या कोई ठोस उपाय कर जीवन रक्षा के लिए कदम आगे बढ़ा पाता है.

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