रवि रंक, बेतिया “मॉडल स्कूल” के तौर पर विकसित करने जिला में दूर दराज,दियारा, दोन और गंडक पार के कुल 21 सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का चयन शिक्षा विभाग द्वारा किया गया है. विभागीय आदेश के आधार पर जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा इसको लेकर पहल तेज कर दी गई है.जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रस्ताव के आधार पर मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किए जाने के लिए चयनित स्कूलों राजकीय उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक भीतहां,पिपरासी, ठकराहा और तमकुहा (मधुबनी)जैसे गंडक पार के सुदूर दियारावर्ती क्षेत्रों के स्कूल शामिल हैं. इनके साथ ही बगहा 1 अंचल के हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पतिलार, राधेश्याम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसौनी फॉर्म और सिधाव (बगहा 2) अंचल क्षेत्र में नॉर्थ बिहार सुगर मिल प्लस 2 स्कूल नरईपुर शामिल हैं. इसी प्रकार उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महेशड़ा,रामनगर, रघुवीर प्लस 2 स्कूल सुभद्रा- जमुनिया,गौनहा ,जनता प्लस टू स्कूल सिकटा, एस एस प्लस 2 स्कूल मैनाटांड़ के साथ नरकटियागंज के रेलवे प्रवेशिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरकटियागंज शामिल है. वही बैरिया में प्रोजेक्ट कन्या उच्चतर माध्यम विद्यालय पखनाहा बाजार,योगापट्टी का बाबा कमला दास प्लस 2 स्कूल नवलपुर और नौतन के कमला साह प्लस टू स्कूल, मोतीलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझौलिया, चनपटिया अंचल क्षेत्र में राजकीय उच्चतर माध्यमिक कुमार बाग और युगल प्रसाद प्लस 2 स्कूल भैसही, लौरिया उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवाहरपुर और बेतिया अंचल में उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शेखौना शामिल है. जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति के विहित प्रावधानों के तहत सबके लिए अनिवार्य गुणवत्ता पूर्ण स्कूली शिक्षा को दूर दराज के पिछड़े क्षेत्रों में भी जमीनी तौर पर पूर्णतया प्रभावी बनाने की दिशा शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार पश्चिम चंपारण जिला में भी तैयारी कर दी गई है.इन विद्यालयों में पीएमश्री नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय के तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ आधुनिक सुविधा संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. इसको लेकर संबंधित प्रधानाध्यापकों को इस योजना का प्रारंभिक उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई है. इसका उद्देश्य ग्रामीण और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल देना है. पहले से संचालित 36 पीएमश्री विद्यालयों में 21 जुड़ने से जिला में हो जाएंगे 57 मॉडल प्लस टू स्कूल जिला में पहले से संचालित 36 पीएमश्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के अतिरिक्त इन 21 स्कूलों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है. इसके आधार पर अब पश्चिम चंपारण जिला मॉडल स्कूलिंग शिक्षा के लिए कुल 57 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हो जाएंगे.जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि स्कूलों के चयन की प्रक्रिया में विभिन्न प्रखंडों के ऐसे उत्क्रमित और नव प्रोन्नत विद्यालयों को शामिल किया गया है, जो भौगोलिक, सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से कम विकसित क्षेत्रों में स्थित हैं. इससे क्षेत्रीय असमानता को कम करने और शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित बच्चों को आगे लाने में मदद मिलेगी.मॉडल के रूप में विकसित होने वाले इन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षा, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय, कंप्यूटर एवं डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, खेल के लिए बेहतर आधारभूत संरचना तथा स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा उत्तम स्कूली शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का सशक्त मंचः डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग की इस योजना से ग्रामीण प्रतिभाओं को उत्तम स्कूली शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का सशक्त मंच मिलेगा.इन चयनित स्कूलों के शिक्षक शिक्षिकाओं को आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षा का प्रशिक्षण के साथ शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.उन्होंने बताया कि मॉडल स्कूलिंग की इस नई योजना को लेकर शिक्षा विभाग का मानना है कि इन 21 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विकसित होने से जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान मिलेगी और निजी विद्यालयों पर निर्भरता भी कम होगी.इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच मिलेगा.
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