बेतिया. भू-माफियाओं द्वारा सरकारी एवं निजी संपत्तियाें पर अवैध कब्जा करने की शिकायतों पर पुलिस प्रशासन ने रणनीति बनायी है. अब कोई भी भू माफिया यदि किसी भी सरकारी या निजी संपत्तियों या भूमि पर अवैध कब्जा करेगा उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जायेगी. चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने बताया कि रेंज के तीनों जिलों यथा बेतिया, बगहा एवं मोतिहारी एसपी को अपने स्तर से भूमाफियाओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है. साथ हीं प्राप्त स्रोत से अधिक संपत्ति इकठ्ठा करनेवाले तत्वों को भी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है. डीआईजी कहा कि भू माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने की आवश्यकता है. डीआईजी श्री राय ने अपने स्तर से भी सभी एसपी को पत्र भेजकर भू विवाद के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. डीआईजी ने बताया कि प्रायः ऐसी जानकारी मिलती है कि भूमि विवाद के कारण हत्या, रंगदारी या अन्य संगीन आपराधिक मामले सामने आते है. इसके लिए समाधान के लिए थाना स्तर पर प्रत्येक शनिवार को भू समाधान शिविर का भी आयोजन किया जाता है. ऐसे में सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि यदि संतुष्ट है कि जमीन पर जान बुझकर भू माफिया द्वारा अडंगा डाला जा रहा है. अवैध रुप से कब्जा किया गया है या कब्जा का प्रयास किया जा रहा है तो ऐसे तत्वों को चिन्हित करते हुए भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जाय. डीआइजी ने बताया कि प्रायः थानों पर आयोजित भू समाधान शिविर में यह बात स्पष्ट हो जाती है कि भू माफिया कितने संगठित तरिके से काम कर रहे है. कानून से बचने के लिए वे समाज में सफेदपोश एवं प्रभावशाली लोगो को सहारा लेते है. ऐसे तत्वों को बच निकलने का मौका भी मिल जाता है. यदि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह भू माफियाओं को और अधिक ताकत देगा और भविष्य में इनके द्वारा अपनाये जा रहे धोखाधड़ी के मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में इन तत्वों पर कार्रवाई हो इसका निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि अभी तक मोतिहारी में 96, बेतिया में 46 एवं बगहा में 31 भू माफिया तत्वों की पहचान की गयी है. इन तत्वों पर कठोर विधिसम्मत कार्रवाई का निर्देश पुलिस अधीक्षकों को दिया गया है. आवश्यकता पड़ेगी तो ऐसे तत्वों की संपत्ति को जब्त कर उसे निलाम भी किया जा सकता है.
शराब माफियाओं की सूची भी बनाने का निर्देश
डीआइजी हर किशोर राय ने बताया कि चंपारण रेंज के तीनों जिलों की भौगोलिक स्थिति के कारण शराब तस्करों की सक्रियता काफी अधिक होने की संभावना है. पुलिस प्रशासन की ओर से शराब तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी एवं जब्ती व तस्करों की गिरफ्तारी की जाती है, लेकिन असली शराब माफिया पुलिस के पकड़ से बाहर रह जाते है. ऐसे में तीनों बगहा, बेतिया एवं मोतिहारी एसपी को शराब माफियाओं को चिन्हित करते हुए उनकी सूची भी तैयार करने का निर्देश दिया गया है. आवश्यकता पड़े तो तस्करों का न्यायालय में बयान कराकर शराब माफियाओं का खुलासा कर उन्हें चिन्हित कर उनपर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
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