Crime News: दोस्तों ने की थी 17 वर्षीय आदित्य सोनी हत्या, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Dec 2024 4:15 PM
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Crime News: बेतिया जिले में सोमवार को गंडक नदी के किनारे खून से लथपथ युवक का शव बरामद किया गया था. मृत युवक की पहचान आदित्य सोनी (17) के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि आदित्य की हत्या दोस्तों ने की है.
Crime News: बेतिया के बगहा में गंडक नदी के किनारे बालू के ढेर में दबे खून से लथपथ युवक के शव की शिनाख्त आदित्य सोनी के रूप में हुई है. मामले को लेकर पटखौली प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि परिजनों को हत्या मामले में लिखित आवेदन देने को बोला गया है फिर भी पुलिस हत्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है. बता दें कि पटखौली पुलिस ने सोमवार की शाम कैलाश नगर नारायणपुर घाट से बालू के ढेर में खून से लथपथ शव को बरामद किया था जिसकी पहचान पुलिस ने कर ली है . मृत युवक की पहचान पठखौली थाना क्षेत्र के नरवल बरवल पंचायत के नरवर वार्ड नंबर-4 निवासी सुनील सोनी के पुत्र आदित्य सोनी (17) के रूप में की गई है.
रविवार को घर से निकला था आदित्य
आदित्य की मां मुद्रिका देवी ने बताया कि रविवार रात 10 बजे उनकी बेटे से आखिरी बार मोबाइल पर बात हुई थी . आदित्य ने बताया था कि वह अपने दोस्त के घर शादी में जा रहा है इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया. अगले दिन आदित्य के मोबाइल से उसकी बहन निधि के व्हाट्सएप पर मैसेज आया, जिस पर लिखा था कि मैं मुंबई जा रहा हूं. परिजनों ने आदित्य से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं लगा. इसके बाद जब बगहा में किराए के कमरे में जाकर परिजनों ने पता किया, तो वहां भी कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस को सूचना देने की तैयारी चल रही थी कि मीडिया की खबर से मामला सामने आया और आदित्य की पहचान हुई .
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
आदित्य के पिता सुनील सोनी ने पुत्र की साजिश के तहत हत्या का आरोप उसके दोस्तों पर लगाया है. उनका कहना है कि आदित्य का किसी के साथ कोई विवाद नहीं था. वह पढ़ाई में अच्छा था और परिवार का सहारा बनना चाहता था. परिजनों को शक है कि हत्या को अंजाम देकर शव के साक्ष्य छुपाने के नियत से गंडक नदी के किनारे बालू में दबा दिया गया था. आदित्य तीन भाइयों में सबसे छोटा था.पटखौली थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि शव को परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजनों के द्वारा आवेदन अभी नहीं मिला है आवेदन मिलने के साथ ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी . हालांकि परिजनों ने बताया है कि आदित्य अपने दोस्तों के साथ गया था फोन पर बात हुई थी, लेकिन दोस्तों का नाम नहीं बताया आदित्य ने बताया था कि तीन दोस्तों के साथ नारायणपुर जा रहे हैं .
गांव में पसरा मातम
आदित्य का शव घर लाए जाने के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, और ग्रामीण जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं . आदित्य के मोबाइल से सोमवार को उसके बहन निधि के मोबाइल पर मैसेज आया. जिसमें लिखा था कि मैं तीन दोस्तों के साथ कमाने के लिए मुंबई जा रहा हूं . तुम घर पर बोल दो कि मुझे वहां जॉब मिल गया है . मैं अपना सिम भी बंद कर रहा हूं. मेरा जब मन करेगा आ जाऊंगा. मैं अपनी मर्जी से जा रहा हूं. मुझे मैसेज कॉल मत करना. इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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