वाइब्रेंट विलेज योजना में भूमि बनी बाधा, डीडीसी ने सीओ को लगाई फटकार

Updated:
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

पश्चिम चंपारण में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम भूमि की अनुपलब्धता के कारण प्रभावित हो रही है. उप विकास आयुक्त ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

विज्ञापन

Bettiah News: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत इंडो-नेपाल सीमा पर बसे गांवों के विकास की योजनाएं पश्चिम चंपारण में भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रभावित हो रही हैं. कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य शुरू नहीं हो सका है. इस पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) काजले वैभव नितिन ने नाराजगी जताते हुए गौनाहा और बगहा-दो के अंचल अधिकारियों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

डीडीसी ने दोनों अंचलों के सीओ को भेजे पत्र में कहा है कि गौनाहा प्रखंड के कैरी गांव में सामुदायिक भवन और विवाह भवन, जबकि बगहा-दो प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव में आईसीडीएस की पोषण वाटिका तथा संतपुर में पैक्स गोदाम निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई जानी है. इन योजनाओं के लिए भूमि संबंधी प्रतिवेदन दो महीने पहले ही मांगा गया था, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है.

योजनाओं में हो रही अनावश्यक देरी

पत्र में डीडीसी ने कहा है कि भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जो गंभीर और खेदजनक है. उन्होंने दोनों अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित योजनाओं के लिए जल्द भूमि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके.

सीमावर्ती 31 गांवों का हुआ है चयन

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जिले के इंडो-नेपाल सीमा से सटे 31 गांवों का चयन किया गया है. ये गांव सिकटा, मैनाटांड़, बगहा-दो, रामनगर और गौनाहा प्रखंड में स्थित हैं. केंद्र सरकार इन गांवों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित सीमावर्ती गांवों के रूप में तैयार करने की योजना पर काम कर रही है.

आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर चयनित गांवों के लिए विभिन्न विकास योजनाएं तैयार की गई हैं. पहले से थरूहट विकास प्राधिकरण के माध्यम से कई कार्य संचालित किए जा रहे हैं. अब वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में काम होना है, लेकिन भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण कई परियोजनाएं फिलहाल अधर में लटकी हुई हैं.


विज्ञापन
अवध किशोर तिवारी

लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन