Bihar: 108 नरमुंडों की बलि वाला तांत्रिक मंदिर बनेगा भव्य, 365 देवी-देवता हैं विराजमान

Published by : Aniket Kumar Updated At : 11 Apr 2025 10:05 AM

विज्ञापन

बेतिया स्थित कालीबाग मंदिर

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण स्थित कालीबाग मंदिर को सरकार अब भव्य बनाने की तैयारी में है. इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार इस मंदिर के सौंदर्यीकरण पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है. यह मंदिर तांत्रिक साधनाओं के लिए प्रसिद्ध है. पढ़ें पूरी खबर…

विज्ञापन

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित ऐतिहासिक कालीबाग मंदिर को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है. कालीबाग मंदिर के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल गई है. बता दें, यह मंदिर 16वीं शताब्दी में तांत्रिक पद्धति से स्थापित किया गया था. जानकारी के अनुसार, कालीबाग मंदिर का डीपीआर तैयार किया जा रहा है. इस रिपोर्ट को मोतिहारी की जानी-मानी एजेंसी इस्कॉन इंजीनियर्स बना रही है. इस मंदिर को करीब 10 करोड़ के खर्च से भव्य बनाया जाएगा. बता दें, बेतिया के इस कालीबाग मंदिर को सीतामढ़ी में बन रहे मां जानकी कॉरिडोर के तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसे मां काली कॉरिडोर का नाम दिया गया है. 

108 नरमुंडों की दी गई थी बलि

इस मंदिर के इतिहास की चर्चा करें तो यह मंदिर अपनी तांत्रिक विद्या के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है. मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना के दौरान तांत्रिक पद्धति से 108 नरमुंडों की बलि दी गई थी. यहां 56 कोठियों में देवी-देवताओं की स्थापना है और यह दुनिया का पहला ऐसा मंदिर है, जहां 365 देवी-देवता एक साथ विराजमान हैं. इसके अलावा यहां कलयुग के देवता की भी मूर्ति स्थापित है, जो इस मंदिर को और भी खास बनाती है. मंदिर के कैंपस में ही एक प्राचीन पोखर स्थित है, जिसके अंदर सात कुएं होने की मान्यता है. मंदिर में दक्षिणमुखी मां काली, भगवान शिव, सूर्य देव, श्री गणेश, और भगवान विष्णु के दशावतार की प्रतिमाएं स्थापित हैं. यह स्थान साधकों के लिए तांत्रिक सिद्धियों की साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है. देश-विदेश से साधक यहां तपस्या के लिए आया करते थे.

बनाई जाएगी मंदिर की वेबसाइट

जानकारी के अनुसार, बेतिया नगर निगम अब इस मंदिर को पर्यटन और धार्मिक दृष्टिकोण से एक बड़ा केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रहा है. इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए चौड़ी सड़कों का निर्माण, संगमरमर से मंदिर की दीवारें, छतों का निर्माण और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएगी. साथ ही प्रचार-प्रसार भी तेज किया जाएगा, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालु इस मंदिर के बारे में जान सकें. साथ ही, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और नंदनगढ़ आने वाले पर्यटकों को भी इस मंदिर की तरफ आकर्षित किया जाएगा, इसके लिए विशेष वेबसाइट तैयार की जाएगी, जिसमें मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व और दर्शन से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी.

ALSO READ: CM Nitish Gift: बिहारवासियों को एक और बड़ी सौगात, जेपी पथ का उद्घाटन आज, डेढ़ घंटे का सफर मात्र आधे घंटे में

विज्ञापन
Aniket Kumar

लेखक के बारे में

By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन