गर्मी व लू की चपेट में आने से बीआरपी सहित तीन शिक्षक बेहोश

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लगातार उमस भरी गर्मी तापमान परवान चढ़ने के कारण मंसूरचक में दूसरे दिन गुरुवार को करीब 12 बजे विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण करते हुए बीआरपी चन्द्रभूषण चौरसिया जब नवसृजित प्राथमिक विद्यालय आगापुर निरीक्षण करने ज्योंहि पहुंचे कि पूरे पसीना से शरीर भींग गया और वहीं बेहोश होकर उलट गये.

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मंसूरचक. लगातार उमस भरी गर्मी तापमान परवान चढ़ने के कारण मंसूरचक में दूसरे दिन गुरुवार को करीब 12 बजे विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण करते हुए बीआरपी चन्द्रभूषण चौरसिया जब नवसृजित प्राथमिक विद्यालय आगापुर निरीक्षण करने ज्योंहि पहुंचे कि पूरे पसीना से शरीर भींग गया और वहीं बेहोश होकर उलट गये. उनको उलटे देख सभी शिक्षक-शिक्षिकाओ ने बीआरपी को बेंच पर लिटा दिया.उसके बाद डाक्टर को बुलवाकर इलाज करवाया.घंटो भर विद्यालय के अतिरिक्त ग्रामीण लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा. दूसरी तरफ मध्य विद्यालय फरछीवन के प्रधानाध्यापक देवेन्द्र कुमार सिंह,शिक्षक सुजीत रजक सहित कन्या मध्य विद्यालय के एक शिक्षक विद्यालय में ही करीब 12:30 बजे बेहोश होकर गीर गये. चिंताजनक स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगो के सहयोग से उक्त शिक्षक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंसूरचक में भर्ती करवाया गया हैं.जहां इलाज जारी हैं.अस्पताल के डाक्टर ने बताया कि अधिक तपिश के कारण बेहोशी की हालत हुई हैं. इलाज चल रहा है. होश आने के बाद ही विशेष कुछ बताया जायेगा. इस उमस भरी गर्मी ने विगत कई सालो का रिकॉर्ड तोर दिया हैं.दिन के 11 बजे के बाद सड़क पर सनाटा छायी रही.मंसूरचक बाजार में लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप दिखा. काफी कम लोग अधिक जरूरत पर बाहर जब निकलते है तो सिर्फ गंजी और बूढ़े लोग खाली बदन पर ही चलते चलते जब उन्हे गर्मी पसीना चलने लगता है तो वे सड़क के किनारे पेड़ के छांव का सहारा लेने लगते है. ठीक साइकिल सवार लोग भी गर्मी बर्दाश्त नही कर पाते है तो सड़क किनारे साइकिल खड़ी कर पेड़ के नीचे जाकर दुबक जाते हैं. नैपुर निवासी किसान उमेश सिंह बताते है कि जब अधिक तपिश के कारण बच्चो,शिक्षको को मरते देख शिक्षा विभाग के आलाधिकारी,मुख्यमंत्री ने काफी ही विलंब से फैसला लेकर बच्चो के लिए स्कूल में छुट्टी और शिक्षको को सुबह छ:बजे से 1:30 बजे तक स्कूल में रहने की बाध्यता कर दिया गया हैं. जो कही से भी न्याय,कानून संगत बात नही हैं. सेवानिवृत सर्किल अंचल निरीक्षक रामबहादुर महतो ने बताया कि पूरे जिन्दगी में इस तरह का हिटरलर शाही शिक्षा विभाग में कभी नही देखा था. शिक्षकों को मानसिक टाँरचर करके कभी नही शिक्षा का अलख बिहार में जगया जा सकता हैं.अभिभावक अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षा विभाग के एसीएस के के पाठक विभाग में लूट खसोट पर पर्दा डालने के लिए शिक्षको को प्रताड़ित कर रहें है और मुख्यमंत्री सारी बातो से अवगत होते हुए भी चुप्पी लगाये हुए हैं.उन्होने कहा शिक्षक लगातार बेहोश होकर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं.

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