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जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ना ही भागवत कथा का है सार : डॉ दुर्गेशाचार्य जी महाराज

Updated at : 21 Oct 2025 9:44 PM (IST)
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जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ना ही भागवत कथा का है सार : डॉ दुर्गेशाचार्य जी महाराज

बीहट नगर परिषद के मालती हनुमान मंदिर के समीप चल रहे श्रीमदभागवत कथा में भक्ति रस की गंगा प्रवाहित हो रही है.

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बीहट. बीहट नगर परिषद के मालती हनुमान मंदिर के समीप चल रहे श्रीमदभागवत कथा में भक्ति रस की गंगा प्रवाहित हो रही है. कथा के चौथे दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ दुर्गेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ना ही भागवत कथा का सार है. साथ ही उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मन शुद्ध होता है. जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है. आध्यात्मिक व लौकिक विकास प्राप्त होता है. यह भक्ति, ज्ञान और परम सत्य का गहरा मार्गदर्शक है जो शांति और मोक्ष की ओर ले जाती है. कथा सुनने से पुण्य मिलता है और मन को परमेश्वर की ओर मोड़ने में मदद मिलती है.जिससे जीवन के भटकाव से बचा जा सकता है. ज्ञात हो कि इस कथा को सुनने के लिए मालती,पिपरा, राजवाड़ा, बरौनी, गढ़हारा समेत अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं. कथा के आयोजन को लेकर पूरा इलाका भक्तिमय बना हुआ है. इस कथा को संपन्न कराने में सामाजिक कार्यकर्ता, मुकेश कुमार गुड्डू, राकेश कुमार, राजू राय, देवन राय,प्रमोद सिंह, प्रदूम्न राय समेत अन्य कार्यकर्ताओं की टोली लगी हुई है. 24 अक्तूबर को कथा का समापन होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANISH KUMAR

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