ePaper

बलिया के दियारा क्षेत्र को जोड़ने वाले चेचियाही ढाब में पांच वर्षों में भी नहीं बन सकी पुलिया

Updated at : 15 Oct 2025 10:04 PM (IST)
विज्ञापन
बलिया के दियारा क्षेत्र को जोड़ने वाले चेचियाही ढाब में पांच वर्षों में भी नहीं बन सकी पुलिया

विगत 2020 के विधानसभा चुनाव में जनता से किये गये कई ऐसे आम जन मानस से जुडे़ बेहद चर्चित वादे हैं, जो पांच वर्षों के बाद भी पूरा नहीं हो सका है.

विज्ञापन

बलिया. विगत 2020 के विधानसभा चुनाव में जनता से किये गये कई ऐसे आम जन मानस से जुडे़ बेहद चर्चित वादे हैं, जो पांच वर्षों के बाद भी पूरा नहीं हो सका है. इसमें साहेबपुरकमाल विधानसभा क्षेत्र के बलिया प्रखंड अंतर्गत लखमिनियां-मसूदनपुर सड़क के चचियाही ढाब में एक आदत पुलिया की मांग प्रमुख है. चेचियाही ढाब में पुलिया देने की मांग स्थानीय विधायक से लेकर सांसद से क्षेत्र के लोग लगातार करते आ रहे हैं, लेकिन लोगों की मांग का क्या. चुनाव आते हैं सभी प्रत्याशी जनता से वादे कर चले जाते हैं. लेकिन वादे पूरे नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में सभी दलों के प्रति रोष व्याप्त है. चेचियाही ढाब में पुल की मांग दियारा क्षेत्र के लोगों के द्वारा लखमिनियां से मसुदनपुर तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के 2010 में बनने के बाद से लगातार की जा रही है. लेकिन उनकी मांग को अभी तक किसी भी दल के माननीय के द्वारा पूरा नहीं किया जा सका है. यह मुद्दा इस बार के विधानसभा चुनाव में भी प्रमुख रहने वाली है. बताया जाता है कि बलिया दियारा क्षेत्र के मसुदनपुर, शाहपुर, शिवनगर, भवानंदपुर, ताजपुर पंचायत के मिरअलीपुर सहित कई गांव का मुख मार्ग है. बाढ़ के दिनों में सड़क पर पानी फैल जाने के कारण लोगों को कमर भर पानी में सड़क को पार करने को मजबूर होना पड़ता है. साथ ही अधिक पानी होने पर प्रशासन के द्वारा चेचियाही ढाब में नाव का परिचालन कराया जाता है. जिस पर प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये सरकारी राशि का खर्च होने के बावजूद पुल का नहीं बनना लोगों को राजनीतिक कारण भी प्रतीत होने लगी है. बाढ़ के दिनों में प्रत्येक वर्ष लखमिनियां-मसूदनपुर पथ के चेचियाही ढाब में आगमन करने के दौरान दियारा के लोगों की डूबकर मौत भी हो जाती है. बावजूद चेचियाही दाब में पुलिया नहीं बनने से आज भी दियारा क्षेत्र के लोग फजीहत का सामना कर रहे हैं. खासकर गंगा नदी में बाढ़ आने के बाद आधे दर्जन से अधिक गांव का मुख्य सड़क से सीधा संपर्क टूट जाता है. कहते हैं नेताओं के वादे तो वादे ही होते हैं वादों का क्या. सूत्रों की माने तो इस बार चेचियाही ढाब में पुलिया नहीं बनने से मीरअलीपुर, मसुदनपुर सहित कई गांव के लोग नाराज चल रहे हैं. कई लोगों का कहना है जब सार्वजनिक काम भी नहीं होगा तो वोट डालने से क्या फायदा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MANISH KUMAR

लेखक के बारे में

By MANISH KUMAR

MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन