नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आदर्शों और विचारों को आत्मसात करने का लिया संकल्प

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Jan 2025 10:40 PM

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सुभाष चौक पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती कार्यक्रम आयोजित की गयी. इस मौके पर डीएम तुषार सिंगला एवं एसपी मनीष, बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक सत्यप्रकाश, मेयर पिंकी देवी ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धा सुमन निवेदित किया.

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बेगूसराय.

सुभाष चौक पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती कार्यक्रम आयोजित की गयी. इस मौके पर डीएम तुषार सिंगला एवं एसपी मनीष, बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक सत्यप्रकाश, मेयर पिंकी देवी ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धा सुमन निवेदित किया. इस मौके पर संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश को आजाद दिलाने में इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है. महापौर इस अवसर पर बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक सत्यप्रकाश ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे प्रेरणादायक और अद्वितीय व्यक्तित्वों में से एक बताया. नेताजी ने देश को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराने के लिए अद्वितीय साहस और नेतृत्व का परिचय दिया. उनका जय हिंद का नारा भारत की राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बन गया है. उन्होंने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए हमेशा प्रयास किये. उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाना उनके महान व्यक्तित्व और अदम्य साहस को सम्मानित करने का एक आदर्श माध्यम है. कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने नेताजी के आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया. इस मौके पर बरौनी रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), डॉ प्रशांत राऊत, मुख्य प्रबंधक (कर्मचारी सेवाएं) नीरज कुमार,वरिष्ठ प्रबंधक मीनाक्षी ठाकुर, उपमेयर अनिता राय, जदयू नेता चित्तरंजन सिंह, दिलीप कुमार सिन्हा, उमेश सिंह, शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य मौजूद थे. वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा जिला इकाई बेगूसराय के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 128वीं जयंती के अवसर पर सुभाष चौक पर नेताजी के आदमकद प्रतिमा पर राजेश सिन्हा अधिवक्ता के नेतृत्व में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इस अवसर पर उपस्थित अभाकाम के सदस्यों को संबोधित करते हुए राजेश सिन्हा ने कहा की नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता, महान योद्धा थे. भारत की आजादी में नेताजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इस अवसर पर राजेश कुमार सिन्हा, अखिलेश कुमार, आलोक रंजन पिक्कू, राकेश कुमार, संजीव कुमार, प्रमोद कुमार सिन्हा सहित दर्जनों अभाकाम के सदस्यों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

बीहट प्रतिनिधि के अनुसार मां शीतला कॉम्प्लेक्स बीहट में सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती सोशल मीडिया डिपार्टमेंट प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित सिंह के नेतृत्व में मनायी गयी. इस मौके पर लोगों ने उनके तैल चित्र पर फूल चढ़ाकर नमन किया. वहीं जिला परिषद पूर्व उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा महात्मा गांधी ने नेताजी को देशभक्तों का देशभक्त कहा था. नेताजी ने क्रांति, देशप्रेम और बलिदान का सर्वोच्च उदाहरण पेश किया. उनका योगदान और उनके विचार पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे. बरौनी प्रखंड अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने कहा नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और देशभक्त थे. श्याम नंदन सिंह ने कहा नेताजी का नेतृत्व, साहस, सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष, सहिष्णुता और समावेशिता के प्रति उनका योगदान आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है. मौके पर किसान सेल के अध्यक्ष बद्री सिंह, वरिष्ठ नेता नारायण सिंह, गुंजेश कुमार, मुकेश कुमार, राम सेवक सिंह, बाल्मीकि सिंह, तारकेश्वर प्रसाद, नरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, शक्ति सिंह, भोला सिंह, रवि कुमार, पवन कुमार आदि मौजूद थे.नावकोठी प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के पहसारा पूर्वी पंचायत के गम्हरिया में अरविंद बजाला पाठशाला के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती गुरुवार को मनायी गयी. इसकी अध्यक्षता छोटू कुमार एवं संचालन चंदन कुमार ने किया. बखरी के समाजसेवी और चिकित्सक डॉ रमन झा ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों को उनके जीवन से सीख लेने की जरूरत है. सुभाष चंद्र बोस देश के अव्वल नौकरी आईसीएस में उत्तीर्ण होने के बाद भी देश के सेवा के लिए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया. इस बात का प्रतीक है कि उन्हें देश सेवा का कितना जुनून था. इस अवसर पर चंदन कुमार ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस हमेशा निर्भीक और कठिनाइयों का सामना करते हुए अंग्रेजों से लोहा लिया. वह 1941 में अंग्रेजों को चकमा देकर कोलकाता से निकल पड़े और सात समंदर पार जर्मनी जाकर हिटलर से मिले. उसके बाद जापान पहुंचकर आजाद हिंद फौज का कमान अपने हाथों में लिया. सुभाष चंद्र बोस के जीवन से हमें एकता का पाठ सीखने को मिलता है. वह धर्मनिरपेक्षता के मिसाल थे. उन्होंने किसी भी धर्म जाति या पंथ में भेदभाव नहीं किया. देशवासियों को एक होकर आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. कार्यक्रम में उपस्थित गण्यमान्य लोगों ने नेताजी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर अमन कुमार, भोला कुमार, मीरा देवी, कल्याणी कुमारी, अनिल कुमार और अन्य लोग मौजूद थे.

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