हत्यारों की गिरफ्तारी व अश्रितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर परिजनों ने एसडीपीओ कार्यालय पर दिया धरना

Updated at : 20 Jul 2024 9:55 PM (IST)
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हत्यारों की गिरफ्तारी व अश्रितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर परिजनों ने एसडीपीओ कार्यालय पर दिया धरना

थाना क्षेत्र के सालेहचक पंचायत अंतर्गत मिर्जापुर डीह निवासी दिवंगत अधिवक्ता निरंजन कुमार की हत्या मामले में आरोपियों की 81 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर पीड़ित परिजनों ने अनुमंडल पुलिस मुख्यालय के समक्ष शनिवार को धरना पर बैठ गये.

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बलिया. थाना क्षेत्र के सालेहचक पंचायत अंतर्गत मिर्जापुर डीह निवासी दिवंगत अधिवक्ता निरंजन कुमार की हत्या मामले में आरोपियों की 81 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर पीड़ित परिजनों ने अनुमंडल पुलिस मुख्यालय के समक्ष शनिवार को धरना पर बैठ गये. धरना पर बैठे पीड़ित परिजनों ने बताया कि अधिवक्ता निरंजन कुमार की हत्या के 81 दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस के द्वारा अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गयी है. प्रशासन के द्वारा आश्रितों को मुआवजा देने की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी है. आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा एवं नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना पर बैठे मृतक अधिवक्ता की पत्नी करूणा देवी, पुत्र अविनाश कुमार, शान्तनु कुमार, परिजन नैना देवी, विभा देवी के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजकिशोर मेहता, श्रीप्रकाश यादव, विपीन सिंह, सत्यप्रकाश अंबष्ट भी मौजूद थे. धरना के बाद जाप नेता राजकुमार प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल के द्वारा डीएसपी को आवेदन भी दिया गया. साथ ही मृतक के घर प्रतिनियुक्त चौकीदार को हटाने की मांग भी धरना के माध्यम से परिजनों के द्वारा की गयी. प्रतिनियुक्त चौकीदार पर परिजनों ने आरोपियों की मदद करने का आरोप भी लगाया. धरना की जानकारी मिलने पर अनुमंडल परिसर पहुंचे थानाध्यक्ष रामकुमार सिंह एवं पुलिस अधिकारी राजीव रंजन कुमार ने पीड़ित परिजनों को सहयोग करने का आश्वासन दिया. तत्पश्चात धरना समाप्त किया गया. बताया जाता है कि अधिवक्ता निरंजन कुमार की हत्या तेज धारदार हथियार से घर पर ही अपराधियों के द्वारा कर दी गयी थी. हत्या के बाद दो नामजद आरोपियों ने न्यायालय में आत्म समर्पण किया था. जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं. इस संबंध में थानाध्यक्ष रामकुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिजनों की हर संभव मदद की जायेगी. कोर्ट से कुर्की का आदेश निकालकर आरोपियों के घर की कुर्की जप्ती भी की जायेगी.

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