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मजदूर व कर्मचारी विरोधी है श्रम कानून : कुमार

Updated at : 16 Apr 2025 10:21 PM (IST)
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मजदूर व कर्मचारी विरोधी है श्रम कानून : कुमार

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के महासचिव एवं ट्रेड यूनियन इंटरनेशनल पब्लिक सर्विसेज के सहायक महामंत्री ए श्री कुमार ने कर्मचारी भवन में बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 18 मार्च 2025 को दिल्ली के प्यारेलाल भवन में देश के प्रमुख 10 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन एवं स्वतंत्र सेवा संगठन की संयुक्त कन्वेंशन हुआ कन्वेंशन में नेताओं ने केंद्र सरकार की कॉर्पोरेट पक्षी, पूंजीपति के हित में एवं देश विरोधी, कर्मचारी विरोधी, मजदूर विरोधी कार्रवाई की पुरजोर आलोचना की गई.

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बेगूसराय. अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के महासचिव एवं ट्रेड यूनियन इंटरनेशनल पब्लिक सर्विसेज के सहायक महामंत्री ए श्री कुमार ने कर्मचारी भवन में बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 18 मार्च 2025 को दिल्ली के प्यारेलाल भवन में देश के प्रमुख 10 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन एवं स्वतंत्र सेवा संगठन की संयुक्त कन्वेंशन हुआ कन्वेंशन में नेताओं ने केंद्र सरकार की कॉर्पोरेट पक्षी, पूंजीपति के हित में एवं देश विरोधी, कर्मचारी विरोधी, मजदूर विरोधी कार्रवाई की पुरजोर आलोचना की गई. उन्होंने कहा कि हमारे देश में 19 श्रम कानून को हटाकर केंद्रीय सरकार ने चार का श्रम कानून लाया. यह श्रम कानून मजदूर एवं कर्मचारी विरोधी है. पूर्व में बनी श्रम कानून में मजदूरों का हक, सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार, न्यूनतम मजदूरी, जॉब की गारंटी का अधिकार था. कन्वेंशन में फैसला लिया गया कि एनपीएस यूपीएस नहीं चलेगा, सबों को पुराना पेंशन देना होगा.

20 मई की हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान

ठेका संविदा मानदेय आउटसोर्सिंग दैनिक वेतन की प्रथा को समाप्त किया जाए. उन्होंने कहा कि आज नौजवान उच्चतर डिग्री यथा स्नातक, टेक्निकल डिग्री प्राप्त कर रोड पर भटकने के लिए मजबूर हैं जबकि सरकारी क्षेत्र में लाखों लाख पद पड़ रिक्त पड़े हुए हैं. इन पर बेरोजगारों को की बहाली की जाए. उक्त कन्वेंशन में 17 सूत्री डिमांड को शामिल किया गया. उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर 20 मई को पूरे देश मे कर्मचारी हडताल पर रहेंगे. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष सह अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कॉर्पोरेट को लूट की छूट दे रखी है. विभिन्न क्षेत्रों को निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है, युवा वर्ग काम की तलाश में भटक रहे हैं लेकिन सरकार को किसी प्रकार की चिंता नहीं है. उन्होंने पीएफआरडीए बिल रद्द कर पुराना पेंशन लागू करने, ठेका, संविदा, मानदेय पर कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमित करने, रिक्त पदों पर नियमित बहाली करने, निजीकरण पर रोक लगाने,नई शिक्षा नीति वापसी, बकाया डीए का भुगतान सहित विभिन्न बिंदुओं की मांग सरकार से की. उन्होंने कहा अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के द्वारा पूरे देश के कर्मचारी को एकजुट करने के लिए हर राज्य, प्रमंडल, जिला, प्रखंड सहित सभी कार्यालयों में कन्वेंशन,मीटिंग,सभा के द्वारा कर्मियों को जागरूक किया जा रहा है ताकि संघर्ष के बदौलत हम अपने हकों को प्राप्त कर सकते हैं. इसके तहत बिहार के पटना में कई प्रमंडल, बेगूसराय में चार प्रमंडल एवं समस्तीपुर में कई प्रमंडल का कन्वेंशन के माध्यम से कर्मचारियों को जागरूक किया जा रहा है. पुनः जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक कन्वेंशन कर एक-एक कर्मचारी से मिलकर अपने समस्याओं के लिए समाधान के लिए संघर्ष पर जाने के लिए जागरूक किया जाएगा. अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ बेगूसराय के जिला मंत्री मोहन मुरारी ने कहा कि उपरोक्त समस्याओं को लेकर पूरे जिले में हर अनुमंडल हर प्रखंड हर कार्यालय में एक-एक कर्मचारी से मिलकर उक्त आंदोलन को सफल बनाया जाएगा. इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव ए श्री कुमार,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय, महासंघ के जिला मंत्री मोहन मुरारी के अतिरिक्त शंकर मोची, सुनील कुमार, रामानंद सागर लव कुमार सिंह, अनिल गुप्ता, अनुराग कुमार मनीष कुमार उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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