किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि जीवनदाता भी होते हैं : अशोक

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किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि जीवनदाता भी होते हैं : अशोक

बीते दिनों किसानों के ऊपर एकएक विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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वीरपुर . दो दिनों पूर्व असमय वर्षा,भयानक रूप से आई तूफान,और ओलावृष्टि की चपेट में आए किसानों को सरकार उचित मुआवजा की राशि दे, गेहूं उत्पादक किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस दे,किसान सिर्फ अन्न दाता ही नहीं,बल्कि लोगों के जीवन दाता है.बीते दिनों किसानों के ऊपर एकएक विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है.जिससे बड़े पैमाने पर गेहूं व मक्के की फसल की तबाही हुई है.उक्त बातें शुक्रवार को वीरपर में आयोजित किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि गेंहू व मक्के की फसल के अलावे पेड़ पौधे व फलदार वृक्षों को भी काफी नुकसान पहुंचा है.किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि इस विपत्ति की घड़ी में केंद्र व राज्य की सरकारी कुम्भकर्णी निंदा में सोयी हुई है.

गोष्ठी में किसान नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार को जमकर कोसा

कहा कि सरकार ऐसी ऐसी नीति बना रही है.जिससे किसानों से खेती छीनकर कॉरपोरेट जगत को जमीन देनी चाहती है.किसान नेता व पूर्व मुखिया राम प्रवेश सिंह ने आगामी 22 अप्रैल को बेगूसराय में आयोजित कार्यक्रमों में वीरपर से सैकड़ों किसानों को चलने का आह्वान किया.कहा कि हमें अपनी ताकत को संगठित कर सरकार को जगाना पड़ेगा.गोष्टी की अध्य्क्षता वरिष्ठ किसान नेता शिवशंकर सिंह उर्फ मलखान सिंह ने किया इस अवसर पर पंसस रीता देवी, अरुण राय,सुबोध कुमार,रंजीत यादव,कामता सिंह,आदि उपस्थित थे.

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