बरौनी प्रखंड परिसर में मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक का मिला शव

Updated at : 01 Jun 2025 10:19 PM (IST)
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बरौनी प्रखंड परिसर में मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक का मिला शव

बरौनी प्रखंड मुख्यालय के कैंपस में रविवार की दोपहर जर्जर भवन के बरामदा पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर बरौनी थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची.

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बीहट. बरौनी प्रखंड मुख्यालय के कैंपस में रविवार की दोपहर जर्जर भवन के बरामदा पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर बरौनी थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. आवश्यक पूछताछ के क्रम में पुलिस को जानकारी मिली कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था. मृतक ने जींस पैंट और ब्लू कलर का चेक शर्ट पहना हुआ था. पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया. बरौनी थानाध्यक्ष रंजन कुमार ठाकुर ने बताया कि मृतक के संबंध में पहचान हेतु आसपास के लोगों से जानकारी जुटायी जा रही है. कबीर ज्ञान मंच विचार का नौवां स्थापना दिवस समारोह में शीर्ष संत को किया गया सम्मानित मंसूरचक. प्रखंड के गणपतौल पंचायत के हवासपुर पश्चिम में कबीर ज्ञान मंच विचार का नौवां स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया. जिसकी अध्यक्षता संत भगवान दास साहेब ने किया. मंच संचालन सेवानिवृत शिक्षक रामसेवक महतों ने किया. समारोह में शीर्ष संत को सम्मानित किया गया. नेपाल के किशोरी साहेब ने कहा कि जीवन की आपाधापी में हर इंसान अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हाथ-पांव मार रहा होता है, लेकिन किसी भी क्षेत्र में सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ना इतना आसान भी नहीं होता है. अक्सर आपकी साधना के मार्ग या फिर कहें लक्ष्य की राह में तमाम मुश्किलें आती हैं. एक आम आदमी को समाज में आज जो भी समस्याएं या मुश्किलें दिखायी दे रही हैं, संत कबीर की दिव्य वाणी का प्रकाश आज भी हमें समस्याओं के अंधेरे से निकाल कर समाधान के प्रकाश में ले जाती है. रामसेवक महतो ने कहा कि संत कबीरदास जी कहते हैं कि गुरु और गोविंद जब एक साथ खड़े हों, तो उन दोनों में से आपको सबसे पहले किसे प्रणाम करना चाहिए. कबीरदास जी के अनुसार सबसे पहले हमें अपने गुरु को प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि उन्होंने ही गोविंद के पास जानें का मार्ग बताया है. कबीर मन की पवित्रता पर ज्यादा जोर देते हैं. वह कहते हैं कि यदि आपका मन साफ और शीतल है तो इस संसार में कोई भी मनुष्य आपका दुश्मन नहीं हो सकता है, लेकिन अगर आप अपने अहंकार को नहीं छोड़ेंगे, तो आपके बहुत से लोग दुश्मन बन जायेंगे. ऐसे में यदि आप समाज में खुश रहना चाहते हैं, तो किसी को भी अपना दुश्मन न बनाएं. सभी से प्रेमपूर्वक व्यवहार कीजिए. सभी आपके दोस्त बनकर रहेंगे. समारोह को संत युगेश्वर साहेब, योगेंद्र साहेब सहित अन्य संतों ने भी संबोधित करते हुए कबीर के बताएं. उद्देश्य पर चलकर समाज, गांव का उत्थान किया जा सकता है.

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AMLESH PRASAD

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