श्रीमद्भागवत कथा सुनने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़

शनिवार को श्रीमदभागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. भागलपुर से आयी कथा वाचिका किशोरी वैदेही शरण महाराज ने कथा के माध्यम से सूर्यवंश एवं चंद्रवंश की चर्चा करते हुए श्रीराम के और श्रीकृष्ण के जनमोत्सव की चर्चा विस्तार रुप कही.
वीरपुर .शनिवार को श्रीमदभागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. भागलपुर से आयी कथा वाचिका किशोरी वैदेही शरण महाराज ने कथा के माध्यम से सूर्यवंश एवं चंद्रवंश की चर्चा करते हुए श्रीराम के और श्रीकृष्ण के जनमोत्सव की चर्चा विस्तार रुप कही. उन्होंनेे बताया है कि राजा शगर की दो पत्नियां एक मालती जो नि:संतान और दुसरी केशनी साठ हजार पुत्रों की माता हुई.केशनी ने साठ हजार पुत्रों की माता होने की कथा में वैदेही शरण ने बताया है कि केशनी गर्भवती होने पर नौ महीनों के बाद बालक के बदले एक पिण्ड को जन्म दिया. तब राजा शगर के द्वार यज्ञ किया गया और परोहितों ने उसमें साठ हजार घड़ा मंगवाकर सब में गाय की घी से भरकर फिर केशनी के द्वारा जन्म दिया गया पिण्ड को साठ हजार टुकड़ों में काटकर सभी घड़ाओं मे डालकर एक कपड़ों से ढक दिया गया. नौ महीनों के बाद सभी घड़ाओं से एक एक बालक निकलकर बाहर आए वही साठ हजार बालक शगर पुत्र कहलाए. कथा एवं भजन के माध्यम सैकड़ो श्रद्धालु झुम उठे.वहीं रंजन दाश जी महाराज ने शिव पार्वती विवाह का प्रसंग विस्तार से सुनाया. मौके पर पूर्व विधायक शिवदानी प्रसाद सिंह, डा रामचन्द्र चौधरी, पूर्व मेयर पवित्र पूर्व मुखिया पंकज सिंह, रणजीत पंडित, राम प्रवेश चौरसिया, रामाधार राय, मुश्हरू पंडित सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.
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