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बूढ़ी गंडक ने अपनाया रौद्र रूप, ग्रामीणों में दहशत, जानें कहां हो रहा बांध में कटाव

Updated at : 03 Aug 2020 9:03 AM (IST)
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बूढ़ी गंडक ने अपनाया रौद्र रूप, ग्रामीणों में दहशत, जानें कहां हो रहा बांध में कटाव

बूढ़ी गंडक ने अपनाया रौद्र रूप धारण कर लिया है. हालांकि, रविवार को जलस्तर स्थिर रहा, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है. लेकिन, बाढ़ के पानी के दबाव के कारण बांध में हो रहे कटाव व रिसाव से चिंता अब भी बरकरार है. सुबह में बाड़ा शिवाला घाट के समीप बांध में अचानक कटाव तेज हो गया. इससे बांध के समीप शीशम के दो पेड़ नदी में समा गये. तटबंध में धंसना गिरने लगा. गांवों में अफरा-तफरी मच गयी है.

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खोदावंदपुर (बेगूसराय) : बूढ़ी गंडक ने अपनाया रौद्र रूप धारण कर लिया है. हालांकि, रविवार को जलस्तर स्थिर रहा, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है. लेकिन, बाढ़ के पानी के दबाव के कारण बांध में हो रहे कटाव व रिसाव से चिंता अब भी बरकरार है. रविवार को नदी खतरे के निशान से 4.13 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी. सुबह में बाड़ा शिवाला घाट के समीप बांध में अचानक कटाव तेज हो गया. इससे बांध के समीप शीशम के दो पेड़ नदी में समा गये. तटबंध में धंसना गिरने लगा. गांवों में अफरा-तफरी मच गयी है. ग्रामीणों ने इसकी सूचना बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल रोसड़ा के अभियंताओं को दे दी है.

एनसीसी कैरेट में कर रहे कटाव स्थल पर पीचिंग

सूचना मिलते ही सहायक अभियंता चंद्रशेखर आजाद घटनास्थल पर पहुंचे और कटाव का निरीक्षण किया. उनकी निगरानी में एनसीसी कैरेट में बोरे डाल कर कटाव स्थल पर पीचिंग कर उसे नियंत्रित किया गया, तभी सागी पंचायत के नुरुल्लाहपुर के समीप हल्ला हुआ कि बाढ़ का पानी रिहाइशी इलाके में फैल रहा है. कनीय अभियंता नुरुल्लाहपुर पहुंचे और सूचना को सत्य पाया. बांध से पानी निकल रहा था, लेकिन तटबंध में कोई कटाव व रिसाव नहीं मिला. कनीय अभियंता ने बताया कि संभव है पूर्व के वर्षों में यहां कभी बोरिंग और उसका पाइप सिंचाई के लिए लगाया हो. जिस पाइप से यह पानी निकल रहा है. जेसीबी मंगवा कर बांध के बाहर कुछ दूरी तक खुदाई कर इसकी पड़ताल की जायेगी, तब जाकर पानी जो निकल रहा है उसको बंद कर दिया जायेगा.

बलान नदी के निचले इलाके में स्थिति गंभीर

बछवाड़ा (बेगूसराय). बलान नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बछवाड़ा प्रखंड के सात पंचायतों में पानी पूरी तरह से फैलने लगा है. निचले हिस्से में लोगों के बने घरों में पानी घुस जाने के कारण लोग विस्थापित होने को मजबूर हैं. गोविंदपुर तीन पंचायत के राजापुर गांव स्थित वार्ड संख्या 6,7,8,9 तथा रसीदपुर चिरंजीवीपुर बछवाड़ा,रुदौली,कादराबाद पंचायत के समेत अन्य निचले इलाके के दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है. स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2007 के वाद बलान नदी में इतना पानी नही हुआ था लेकिन 13 वर्षों के बाद पूरा इलाका का फसल डूब गया. गोविंदपुर तीन पंचायत के ग्रामीण हरेराम महतो, अरविंद राय, मनोज महतो, देवेंद्र राय, राजेंद्र राय आदि लोगो ने बताया कि जिन लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है. मजबूरन वे लोग टोले के उंचे स्थान पर बने लोगों के घरों में शरण लिए हुए हैं.

करीब एक हजार एकड़ में लगी फसल डूबी

इधर, बलान नदी के जल स्तर लगातार बढ़ने से बलान नदी के सात पंचायतों के करीब एक हजार एकड़ में लगी फसल में पानी घुस गया. किसान भूषण राय, निरंजन राय, बैजू राय, राम पुकार राय, रवींद्र राय, सुबोध राय ने बताया कि बलान नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई बीघा खेतों में लगी मक्का, मिर्च, सोयाबीन, ओल, मिर्च, भिंडी, खीरा, बैगन समेत अन्य फसल पूरी तरह से डूब गयी. इस कारण किसानों को भारी आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है.

posted by ashish jha

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