बेगूसराय: सेनेटरी लैंडफिल के लिए पांच एकड़ जमीन की तलाश शुरू, रैयतों को कई गुना अधिक मिलेगा मुआवजा

Author Krishna|Edited by Rajeev Kumar
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सेनेटरी लैंडफिल निर्माण के लिये बलिया नगर परिषद को चाहिये 5 एकड़ जमीन

बलिया नगर परिषद शहरी क्षेत्र में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के लिए 5 एकड़ जमीन की तलाश कर रहा है. इस परियोजना से कचरा निस्तारण अधिक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल होगा. रैयतों को बाजार दर से कई गुना अधिक मुआवजा देने का प्रावधान है.

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Begusarai News : नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना के निर्देश पर बेगूसराय के नगर परिषद बलिया क्षेत्र में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी गई है. नगर परिषद ने सेनेटरी लैंडफिल (कचरा निस्तारण स्थल) के निर्माण के लिए करीब पांच एकड़ भूमि की तलाश शुरू कर दी है. यह भूमि सतत लीज अथवा सीधे क्रय के माध्यम से प्राप्त की जाएगी. नगर परिषद का कहना है कि परियोजना के शुरू होने से शहर में कचरा निस्तारण की व्यवस्था अधिक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल होगी.

वैज्ञानिक तरीके से होगा कचरे का निस्तारण

नगर परिषद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार शहर से प्रतिदिन निकलने वाले घरेलू कचरे का पहले प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) किया जाएगा. इसके बाद शेष अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित निस्तारण करने के लिए सेनेटरी लैंडफिल का उपयोग होगा. इससे खुले में कचरा फेंकने की समस्या कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.

रैयतों से भूमि उपलब्ध कराने की अपील

नगर परिषद ने नगर क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों के रैयतों से भी इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की अपील की है. इच्छुक भूमि मालिक अपनी जमीन सतत लीज पर दे सकते हैं अथवा सरकार को बेच सकते हैं. दोनों ही स्थितियों में सरकार की नई नीति के अनुसार आकर्षक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है.

शहरी क्षेत्र में दोगुना व ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना मिलेगा मुआवजा

नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी अनिशा कुमारी ने बताया कि यदि कोई रैयत अपनी भूमि सतत लीज पर देता है तो शहरी क्षेत्र में उसे एमवीआर (सरकारी मूल्य) का दोगुना तथा ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना भुगतान किया जाएगा. वहीं, भूमि क्रय की स्थिति में शहरी क्षेत्र में बाजार मूल्य अथवा एमवीआर, जो भी अधिक होगा, उसके दो गुना तथा ग्रामीण क्षेत्र में बाजार मूल्य अथवा एमवीआर, जो अधिक होगा, उसके चार गुना के बराबर राशि दी जाएगी.

10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि भूमि उपलब्ध कराने वाले रैयतों को निर्धारित मुआवजे के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. इससे परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले किसानों और भू-स्वामियों को आर्थिक रूप से बेहतर लाभ मिलेगा.

एमवीआर बढ़ने से मिलेगा अधिक लाभ

नगर परिषद के अनुसार राज्य सरकार ने हाल ही में ग्रामीण क्षेत्रों में एमवीआर (न्यूनतम मूल्यांकन दर) में 1.6 गुना तथा शहरी क्षेत्रों में दो गुना वृद्धि की है. इसका सीधा लाभ भूमि देने वाले रैयतों को मिलेगा। बढ़ी हुई दरों के आधार पर उन्हें पहले की अपेक्षा अधिक मुआवजा प्राप्त होगा.

नगर परिषद कार्यालय में करना होगा संपर्क

नगर परिषद ने इच्छुक रैयतों से अपील की है कि वे भूमि से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज, स्वामित्व प्रमाण और सहमति पत्र के साथ नगर परिषद कार्यालय में संपर्क करें. भूमि का चयन नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा. इसके बाद सेनेटरी लैंडफिल निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू होगी.

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