जयमंगलागढ़ में पूजा के लिए उमड़े भीड़, कांवर झील में नौकायन पर प्रतिबंध से निराश लौटे सैलानी

नववर्ष के अवसर पर जयमंगलागढ़ में पूजा अर्चना करने श्रद्धालु, वन क्षेत्र एवं कावर झील के किनारे पिकनिक मनाने के लिए सैलानियों व पर्यटकों की भीड़ उमड़ती रही.
मंझौल. नववर्ष के अवसर पर जयमंगलागढ़ में पूजा अर्चना करने श्रद्धालु, वन क्षेत्र एवं कावर झील के किनारे पिकनिक मनाने के लिए सैलानियों व पर्यटकों की भीड़ उमड़ती रही. मौसम साफ रहने के कारण इस वर्ष भीड़ काफी अधिक रही. मंदिर परिसर में महिला व पुरूष श्रद्धालुओं के पूजा अर्चना करने के लिए अलग -अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी. मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. पूजा अर्चना करने के लिए महिलाओं की लंबी कतार थी लेकिन जल चढाने पर प्रतिबंध था. मंदिर परिसर में बीडीओ चेरियाबरियारपुर निरंजन कुमार के नेतृत्व में नियंत्रण कक्ष कार्य कर रहा था. इसके अतिरिक्त अनुमंडलीय अस्पताल मंझौल के स्वास्थ्य प्रबंधक गौरीशंकर तथा सीएचसी चेरियाबरियारपुर के प्रबंधक जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिविर एम्बुलेंस के साथ मुश्तैद रहे. आपदा प्रबंधन योजना के तहत फायर बिग्रेड भी तैनात था. सम्पूर्ण मंदिर परिसर बाजार में तब्दील हो गया था. फास्ट फूड समेत विभिन्न तरह की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही थी. बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न तरह के छोटे झूले लगाए गए थे. लोग वन क्षेत्र में वनभोज का आनंद उठा रहे थे. रामसर साइट पक्षी अभ्यारण्य कावर झील में बैरिकेडिंग कर नौकायन पर इस वर्ष पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था. अपने जिले के अतिरिक्त दूसरे जिलों से भी लोगों की भीड़ कांवर झील पहंची थी. काफी उत्साह के साथ नौकायन के लिए उमड़ने वाली भीड़ को इस वर्ष पूरी तरह निराश होकर लौटना पड़ा. झील के मुहाने पर वन विभाग के अधिकारी कर्मी तथा मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किये गये थे. प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नौकायन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था. समस्तीपुर, दलसिंगसराय के सैलानियों ने कहा कि यूट्यूब पर देखकर नौकायन का आनंद लेने पिकनिक मनाने कावर झील आए थे. प्रतिबंध के कारण निराश होकर लौटना पड़ रहा है. झील के किनारे खानेपीने की दुकानें खुली थी. नौकायन के कारण डल झील की तरह कांवर झील एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के तौर पर उमड़ रहा है. लोग वाच टावर से झील का प्राकृतिक व मनौरम दृश्य तथा प्रवासी सायबेरियन मेहमान पक्षियों को देखने का आनंद उठा रहे थे.समस्तीपुर दलसिंहसराय निवासी अल्पसंख्यक बिरादरी के लोग भी इस वर्ष पिकनिक मनाने व नौकायन का आनंद लेने कावर झील पहुंचे थे. उनलोगों ने बताया कि यूट्यूब पर डल झील की तरह सजीधजी नौकाओं पर नौकायन का आनंद लेते देखकर परिवार सहित कांवर झील पहुंचे थे. झील में नौकायन पर प्रतिबंध की जानकारी होती तो नहीं आते. निराश होकर लौटना पड़ रहा है. भीड़ झील कहा किनारे पहुचकर शेल्फी व वीडियो बनाकर निराश व आक्रोशित होकर लौट रहे थे. अन्य वर्ष प्रतिबंध के बाबजूद चोरी छिपे नौकायन जारी रहता था. समस्तीपुर, खगड़िया आदि जिलों से भी लोग यहां पहुंचे थे. नौकायन पर प्रतिबंध से नाविकों व पर्यटकों में भारी आक्रोश था. भीड़ को नियंत्रित करने व सुरक्षा के लिए नित्यानंद चौक,महुआ मोड़, हरसाइन,गढ़खौली, झील,मंदिर समेत कुल 21 स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी. महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेडिंग व बैरियर लगाए गए थे. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए बाईक व वाहनों के लिए लगभग एक दर्जन बाइक व वाहन पार्किंग स्टैंड बनाए गए थे. मंझौल थानाध्यक्ष फैसल अहमद अंसारी महुआ मोड़ पर ट्रैफिक सुचारू रखने के प्रयास में लगे थे. इसके बाबजूद मंझौल गढ़पुरा पथ पर ट्रैफिक जाम का सिलसिला जारी रहा.
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