20.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

अब तक करोड़ों की फसल खाक, विभाग बेखबर

अनदेखी. हादसों को आमंत्रित कर रहा जर्जर व लटका तार बेगूसराय(नगर) : जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था के कारण हमेशा लोगों में न सिर्फ दहशत बना रहता है वरन बिजली की जर्जर तार लोगों के लिए हमेशा सिरदर्द भी बना रहता है. बिजली की व्यवस्था में सुधार व तार समेत […]

अनदेखी. हादसों को आमंत्रित कर रहा जर्जर व लटका तार

बेगूसराय(नगर) : जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था के कारण हमेशा लोगों में न सिर्फ दहशत बना रहता है वरन बिजली की जर्जर तार लोगों के लिए हमेशा सिरदर्द भी बना रहता है. बिजली की व्यवस्था में सुधार व तार समेत अन्य संसाधनों को दुरुस्त करने के लिए विभिन्न संगठनों के द्वारा लगातार आंदोलन भी चलाया गया लेकिन स्थिति फिलहाल जस की तस है. नतीजा है कि बेगूसराय जिले में भी मुजफ्फरपुर के गायघाट जैसी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है.
मृतक के परिजनों को दी जाती है चार लाख की राशि : बिजली तार के चपेट में आकर किसी व्यक्ति की जान जाती है तो मृतक के परिवार को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बिजली विभाग के द्वारा बिजली हेड क्वार्टर को अनुशंसा किया जाता है. जिसके बाद बिजली विभाग के द्वारा मृतक के परिजनों को चार लाख की राशि उपलब्ध करायी जाती है.
बिजली तार के चपेट में आकर जिन लोगों की संपत्ति का नुकसान होता है. उनके लिए बिजली विभाग के द्वारा फिलहाल किसी प्रकार का मुआवजा उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है. जिसकी मांग लंबे समय से शासन और प्रशासन से की जा रही है.
गांवों में भयावह है तारों की स्थिति : ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों पूर्व जो पोल पर बिजली का तार लगाया गया था. वह आज भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है. उसे देखने के लिए विभाग के पास वक्त नहीं है. जब किसी प्रकार की छोटी या बड़ी घटना होती है तो बिजली विभाग हरकत में आकर अंधेरे में तीर चलाता लगती है.
विद्युत विपत्र में मनमानी, तारों को बदलने में लापरवाही
40 सालों से नहीं बदले गये तार
बिजली विभाग की मानें तो पिछले 40 सालों से बिजली के तार नहीं बदले गये हैं. पोल में जितने भी तार लगे हैं या तो वो तार दम तोड़ चुके हैं या फिर दम तोड़ने की स्थिति में पहुंच चुका है. गांव की बात को तो छोड़ ही दें शहर के विभिन्न भागों में भी बिजली तार को विभाग के द्वारा दुरुस्त नहीं किया जा सका है, जिससे लोगों में हमेशा भय बना रहता है. हालांकि इस संबंध में विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि बिजली तार बदलने की दिशा में कार्य शुरू हो चुका है.
शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस कार्य में प्रगति है. अभी फिलहाल साहेबपुरकमाल में बिजली तार बदलने का काम चल रहा है. जिले में बिजली तार को दुरुस्त करने में अभी भी काफी वक्त लग सकता है.
करोड़ों की फसल हो चुकी है राख
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के ऊपर से गुजरे तार अिधकतर जगहों पर जर्जर हो चुके हैं. नतीजा हल्की-सी हवा में भी आपस में टकरा जाते हैं. इससे कई बार खेतों में आग लग चुकी है और करोंड़ों रुपये की फसल बरबाद हो चुकी है. हाल के दिनों में ही तेघड़ा, बरौनी, शाम्हो, बछवाड़ा, मटिहानी आदि जगहों पर बिजली के तार से लगी आग में खेतों में लगी करोड़ों रुपये की गेहूं की फसल जल गयी. वहीं, कई जगह लटके हुए तार की चपेट में आकर कई लोग झुलस चुके हैं.
कहते हैं अधिकारी
40 वर्षों से बिजली का तार नहीं बदला गया है, जिससे कई जगहों पर जर्जर हो गया है. इन तारों को बदलने का काम शुरू हो गया है. जिले में पूरी तरह से तार को बदलने में समय लग सकता है. इस कार्य को गति देने के लिए विभाग स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जाती है.
सनातन पाठक,कार्यपालक अभियंता,विद्युत विभाग,बेगूसराय
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel