बेगूसराय कार्यालय/भरौल बछवाड़ा : रामकथा के आयोजन के लिए काफी समय लगता है. देश व विदेशों में भी कथा का आयोजन होने से अतिशीघ्र कथा होना मुश्किल हो जाता है, लेकिन यहां की कथा कैसे तय हो गयी यह मुङो भी पता नहीं चल पाया.
कथा आयोजक एवं मिथिला धाम, भरौल के सपूत विपिन कुमार ईश्वर की आंखों में आंसू ने मुङो यहां तक खींच लाया. उक्त बातें संत मोरारी बापू ने मिथिला धाम, भरौल में रामकथा के आयोजन के लिए पहुंचे संत मोरारी बापू ने कथा शुरू करने के पहले उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहीं.
भक्तों की आस्था एवं कार्यक्रम स्थल पर की गयी तैयारी से अति प्रसन्न मोरारी बापू ने कहा कि कुछ लोग पूछ रहे थे कि बापू जी आप भीषण गरमी में कैसे कथा करने बेगूसराय जा रहे हैं. मैंने उनको कहा कि मिथिला की धरती जहां मा जानकी का स्थान हो, वहां गरमी नहीं शीतलता प्रदान होती है.
