BANKA : कीचड़मय पथ पर चलने को मजबूर ग्रामीण

Published by :AMIT KUMAR SINH
Published at :11 May 2026 12:50 PM (IST)
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BANKA : कीचड़मय पथ पर चलने को मजबूर ग्रामीण

आजादी के दशकों बाद भी विकास की किरण कई गांवों तक नहीं पहुंच पाई है.इसका ताजा उदाहरण बिहार-झारखंड बॉर्डर से सटे पंजवारा पंचायत का जानूकित्ता नगरी गांव है.

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पंजवारा (बांका ) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट:

आजादी के दशकों बाद भी विकास की किरण कई गांवों तक नहीं पहुंच पाई है.इसका ताजा उदाहरण बिहार-झारखंड बॉर्डर से सटे पंजवारा पंचायत का जानूकित्ता नगरी गांव है. यहां के ग्रामीणों के नसीब में आज भी पक्की सड़क नहीं है, जिसके कारण वे कीचड़ और जलजमाव के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं.

बारिश बनते ही आफत बन जाती है राह

ग्रामीणों ने बताया कि हल्की बारिश होते ही गांव की मुख्य राह टापू में तब्दील हो जाती है. सड़क पर घुटनों तक पानी और फिसलन भरा कीचड़ जमा होने से पैदल चलना भी दूभर हो जाता है. सबसे अधिक कठिनाई स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को होती है. आपात स्थिति में गांव तक एंबुलेंस या अन्य वाहन पहुंचना भी नामुमकिन हो जाता है.

जनप्रतिनिधियों के आश्वासन निकले खोखले

सड़क की इस जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है.चुनाव के समय वादे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके.

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