पंजवारा में बेखौफ हैं खाद माफिया, 380-400 में बेची जा रही 280 रुपये की यूरिया
Updated at : 04 Jan 2026 6:58 PM (IST)
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बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित पंजवारा थाना क्षेत्र इन दिनों खाद माफियाओं का सुरक्षित अड्डा बन गया है.
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बॉर्डर का फायदा उठाकर नकली खाद का चल रहा काला खेल
पंजवारा. बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित पंजवारा थाना क्षेत्र इन दिनों खाद माफियाओं का सुरक्षित अड्डा बन गया है. बॉर्डर का लाभ उठाते हुए खाद दुकानदार ना सिर्फ किसानों से मनमानी कीमत वसूल रहे हैं, बल्कि नकली खाद खपाने का धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा है. रबी सीजन में खाद की किल्लत का फायदा उठाकर दुकानदार किसानों की मजबूरी का सौदा कर रहे हैं.बॉर्डर पर गोदाम और नकली खाद का जाल
पंजवारा की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर कई दुकानदारों ने अपने मुख्य गोदाम सीमा पार झारखंड के खटनई और विश्वकोरबा गांव के समीप एवं बैदाचक मोड़ के समीप बना रखा है. सूत्रों के अनुसार, इन गुप्त गोदामों में नकली खाद का स्टॉक रखा जाता है और रात के अंधेरे में इसे बिहार की सीमा में खपाया जाता है. गौरतलब है कि छह माह पूर्व भी एक दुकान में नकली खाद पकड़ी गयी थी, जिसके बाद उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. बावजूद इसके, खाद माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने नाम बदलकर या खाली बोरा मंगाकर दूसरा खाद पलट देते हैं और चोरी-छिपे फिर से वहीं काला धंधा शुरू कर दिया है.छापेमारी की सूचना पर भाग खड़े होते हैं दुकानदार
प्रशासन की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं. एक सप्ताह पूर्व जब कृषि विभाग की टीम ने क्षेत्र की कई दुकानों में छापेमारी की थी, तो भनक लगते ही दुकानदार दुकानों में ताला जड़कर फरार हो गये थे. किसानों का आरोप है कि टीम के जाते ही फिर से वही पुरानी व्यवस्था लागू हो जाती है. दुकानदार आधार कार्ड लेने के बाद भी यूरिया (निर्धारित दर 266.50 रुपये) को 380-400 रुपये और डीएपी निर्धारित दर 1350 रुपये को 1700 रुपये में बेच रहे हैं.रसीद मांगने पर मिलती है धमकी
किसानों ने बताया कि दुकानदार बिना रसीद के खाद बेच रहे हैं. अगर कोई किसान रसीद मांगता है या अधिक दाम का विरोध करता है, तो उसे भविष्य में खाद न देने की धमकी देकर भगा दिया जाता है. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अधिकारियों की पहुंच से दूर इन दुकानों पर रबी की फसल बचाने के लिए किसान लुटने को मजबूर हैं.प्रखंड कृषि पदाधिकारी का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी इंद्रदेव दास ने कहा कि पंजवारा क्षेत्र में झारखंड बॉर्डर के पास गोदाम बनाकर खाद की कालाबाजारी करने की सूचना मिली है. पिछली बार जिस दुकान का लाइसेंस रद्द हुआ था, उस पर भी नजर रखी जा रही है. फरार दुकानदारों की सूची तैयार कर ली गयी है. बहुत जल्द पुलिस के सहयोग से बड़े स्तर पर छापेमारी की जायेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई व प्राथमिकी दर्ज होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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