दो दिवसीय संतमत सत्संग कार्यक्रम का हुआ आयोजन, उमड़ी सत्संगप्रेमियों की भीड़

Published by : MANISH KUMAR Updated At : 06 Jun 2026 3:45 PM

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सत्संग कार्यक्रम में ब्रम्हलीन महर्षि मेंहीं परमहंसजी महाराज के संदेशों व विचारों पर संतों ने प्रवचन किए. भजन, स्तुति, ध्यान व आरती के उपरांत भंडारा का भी आयोजन हुआ.

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कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट :

कटोरिया प्रखंड के मनियां पंचायत अंतर्गत रिखियाराजदह गांव स्थित महर्षि मेंही ध्यान कुटी परिसर में साधक महिपाल दास एवं स्थानीय श्रद्धालुओं की देखरेख में दो दिवसीय संतमत सत्संग कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें ब्रम्हलीन महर्षि मेंही परमहंसजी महाराज के संदेशों व विचारों पर उपस्थित संतों ने प्रवचन किए. फिर भजन, स्तुति, ध्यान व आरती के उपरांत भंडारा का भी आयोजन हुआ. सत्संग कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला-पुरूष सत्संगप्रेमियों ने भाग लिया.

ईश्वर भक्ति के लिए मिला है मानव शरीर

संतमत के प्रधानाचार्य परम पूज्य महर्षि स्वामी चतुरानंद जी महाराज ने मानव शरीर के महत्व पर प्रवचन के क्रम में कहा कि मानव का यह अनमोल शरीर ईश्वर भक्ति के लिए मिला है. इस शरीर के माध्यम से परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. स्वामी धैर्यानंद जी महाराज व स्वामी बालदेव बाबा ने भी प्रवचन किए.

गुरु का सानिध्य आवश्यक

स्वामी माधवानंद जी महाराज ने गुरू की महिमा पर प्रवचन के दौरान कहा कि मानव जीवन कल्याण के लिए गुरू का सानिध्य आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ‘गुरू बिनु भवनिधि तरई न कोई, जौं बिरंची संकर सम होई’. वहीं स्वामी योगेंद्र बाबा ने कहा कि ‘बड़े भाग मानुष तन पावा, सुर दुर्लभ सब ग्रंथहि गावा’. यानि कि बड़े भाग्य से मनुष्य का शरीर मिलता है. सब ग्रंथों ने कहा है कि यह देवताओं को भी दुर्लभ है.

भजनों की हुई प्रस्तुति

सत्संग कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भजनों की भी प्रस्तुति हुई. भजन गायक भगरू बाबा, रोहित कुमार, गिरिश कुमार व विनोद कुमार द्वारा प्रस्तुत भजन काफी सराहनीय रहे.

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