हॉस्टल से भागे दो बच्चे, स्थानीय लोगों की सतर्कता से टली अनहोनी

Updated at : 07 Apr 2026 7:43 PM (IST)
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हॉस्टल से भागे दो बच्चे, स्थानीय लोगों की सतर्कता से टली अनहोनी

नगर पंचायत के गुड़िया मोड़ के समीप एक निजी विद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है.

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प्रबंधन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

बौंसी. नगर पंचायत के गुड़िया मोड़ के समीप एक निजी विद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है. मंगलवार को बाराहाट प्रखंड के हरिपुर गांव से जुड़ी एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां हॉस्टल प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण दो नाबालिग बच्चे चुपचाप हॉस्टल से निकलकर बौंसी बस स्टैंड तक पहुंच गए. गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और तत्परता से एक संभावित अनहोनी टल गयी और दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया.

जानकारी के अनुसार, बाराहाट प्रखंड के हरिपुर निवासी रवि कुमार के दो पुत्र गुरिया मोड़ स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं. मंगलवार को दोनों बच्चे बिना किसी निगरानी के हॉस्टल से बाहर निकल गए और मुख्य चौक होते हुए बौंसी बस स्टैंड पहुंच गए. बस स्टैंड पर मौजूद स्थानीय नागरिक आलोक सिन्हा और कमल कुमार पासवान को बच्चों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. उन्होंने तुरंत पहल करते हुए बच्चों से पूछताछ की. बातचीत में बच्चों ने बताया कि वे हॉस्टल से आए हैं और उनका घर हरिपुर में है. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दोनों नागरिकों ने जिम्मेदारी निभाई और बच्चों को टेंपो के माध्यम से सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचा दिया. घटना को लेकर बच्चों के पिता रवि कुमार ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि उनका बेटा पिछले डेढ़ साल से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है, लेकिन इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बिना किसी सूचना के बच्चे इतनी दूर कैसे पहुंच गये. यह सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल प्रबंधन की ओर से उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं दी गयी है. अगर बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता. यह सवाल उठाते हुए उन्होंने प्रबंधन से जवाब मांगने की बात कही है. घटना के बाद स्थानीय बाजार और अभिभावकों के बीच हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश देखने को मिल रहा है. अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चों की सुरक्षा और निगरानी ही सुनिश्चित नहीं है, तो ऐसे संस्थानों पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है. वहीं, हॉस्टल संचालक और संस्थान के प्रिंसिपल श्रवण मंडल ने मामले में पूछे जाने पर बताया कि सुबह में बच्चे शौच के लिए मैदान की ओर गए थे. उस वक्त कैसे वह निकल गया किसी को समझ में नहीं आया. ऐसे में यह घटना उनकी जिम्मेदारी और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है.

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SHUBHASH BAIDYA

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